औरंगाबाद: औरंगाबाद जिले का राजनीतिक मिजाज गरम है। सभी विधानसभा सीटों पर चुनावी माहौल देखा जा रहा है। गोह निर्वाचन क्षेत्र में भी पार्टियां अपना चुनाव अभियान चला रही हैं। इस सीट पर अभी आरजेडी का कब्जा है। 2020 में बीजेपी उम्मीदवार को हराकर भीम कुमार सिंह विधायक बने थे। बिहार विधानसभा चुनाव 6 और 11 नवंबर 2025 को होगा और 14 नवंबर को चुनाव के नतीजे आएंगे।
गोह विधानसभा क्षेत्र के बारे में जानें
गोह विधानसभा क्षेत्र औरंगाबाद जिले के अंतर्गत आता है। सामान्य सीट है। गोह सीट की स्थापना साल 1951 में हुई थी और यह काराकाट लोकसभा सीट के अंतर्गत आने वाले छह विधानसभा क्षेत्रों में से एक है। लोकसभा चुनाव में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) (लिबरेशन) ने काराकाट लोकसभा सीट जीती थी। गोह में करीब 21 प्रतिशत अनुसूचित जाति के वोटर हैं। जबकि मुसलमानों की संख्या लगभग 8.4 प्रतिशत है। इस इलाके में करीब 158 गांव हैं। प्राचीन काल में यह इलाका शेरशाह सूरी, मौर्य और गुप्त साम्राज्यों का हिस्सा रहा था।
गोह निर्वाचन सीट का चुनावी इतिहास
साल 2020 में यह निर्वाचन क्षेत्र राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) ने जीता था। अब तक हुए चुनावों में, कांग्रेस, भाकपा और जेडीयू ने चार-चार बार यह सीट जीती है। सोशलिस्ट पार्टी, संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी, बीजेपी और आरजेडी ने एक-एक बार यह सीट जीती है।
साल 2015 में यह सीट बीजेपी के मनोज कुमार ने जीती थी। 2010 में इस सीट से जेडीयू के डॉ. रणविजय कुमार ने विजय प्राप्त की थी। 2005 में भी इस सीट पर जेडीयू ने जीत दर्ज की थी। 2000 में SAP के उम्मीदवार ने यह सीट जीती थी। 1990 और 1995 में गोह से भाकपा ने जीती थी। 1985 में कांग्रेस ने यह सीट जीती थी। 1980 और 1977 में भाकपा का उम्मीदवार यहां से विधायक बना था।
क्यों रोचक होगा मुकाबला
इंडिया गठबंधन की तरफ से यहां पर भाकपा या आरजेडी का उम्मीदवार चुनाव मैदान में जा सकता है जबकि एनडीए की तरफ से बीजेपी या जेडीयू का प्रत्याशी हो सकता है। प्रशांत किशोर की पार्टी जनसुराज भी इस बार यहां से अपना प्रत्याशी खड़ा करेगी। इस बार चिराग पासवान की पार्टी एनडीए में रहकर चुनाव लड़ेगी। निर्दलीय भी चुनाव मैदान में दिखेंगे। कुल मिलाकर मुकाबला रोचक देखने को मिलेगा।
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