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बिहार में कहीं पति-पत्नी तो कहीं पिता-पुत्र आमने-सामने, चुनावी रण में अपनों के बीच टक्कर, दिलचस्प है मुकाबला

 Published : Nov 07, 2025 08:19 pm IST,  Updated : Nov 07, 2025 08:19 pm IST

बिहार विधानसभा चुनावों में इस बार एक मुकाबला बेहद रोचक होने वाला है। इस बार कुछ ऐसे भी उम्मीदवार हैं, जो अपनों के लिए ही चुनौती बने हुए हैं और मैदान में एक-दूसरे के सामने चुनाव लड़ रहे हैं।

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प्रीति गुप्ता और देवा गुप्ता। Image Source : FACEBOOK- DEWA GUPTA

अगर हम बिहार विधानसभा चुनाव की मौजूदा तस्वीर पर नजर डालें, तो यहां की सियासत की एक अनोखी खासियत है। यहां के नेता अपने पारिवारिक हितों को थोड़ा ज्यादा तवज्जो देते हैं। लेकिन बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में पारिवारिक रिश्तों की सियासी जंग दिलचस्प मोड़ पर है। पिता-पुत्र और पति-पत्नी एक-दूसरे के खिलाफ चुनावी मैदान में हैं, जिससे राज्य में वंशवाद और परिवारवाद पर नई बहस उभरी है। इस बार कुछ ऐसे भी उम्मीदवार हैं, जो अपनों के लिए ही चुनौती बने हुए हैं और मैदान में एक दूसरे के सामने चुनाव लड़ रहे हैं।

मोतिहारी सीट पर पति-पत्नी आमने-सामने

मोतिहारी विधानसभा सीट पर पति-पत्नी दोनों एक-दूसरे के खिलाफ मैदान में उतर आए हैं। देवा गुप्ता और प्रीति कुमारी दोनों एक ही घर में एक साथ रहते हैं लेकिन चुनाव के मैदान में एक-दूसरे के खिलाफ उतर आए हैं। देवा गुप्ता RJD के टिकट पर चुनाव मैदान में हैं। तो वहीं उनकी पत्नी प्रीति कुमारी इसी मोतिहारी विधानसभा सीट से निर्दलीय मैदान में हैं। पति के खिलाफ मैदान में उतरने के सवाल पर प्रीति ने कहा कि विरोधियों को परास्त करने की ये एक सियासी चाल है। बता दें कि प्रीति इस वक्त मोतिहारी शहर की मेयर भी हैं।

RJD के लिए चुनौती बन सकता है ये टकराव

स्थानीय राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक ये टकराव RJD के लिए चुनौती बन सकता है, क्योंकि दोनों ही पति-पत्नी जिले में सामाजिक कार्यों के लिए जाने जाते हैं। देवा गुप्ता लंबे समय से क्षेत्र में सक्रिय हैं और पार्टी के वफादार कार्यकर्ता के रूप में पहचाने जाते हैं। वहीं, प्रीति कुमारी ने महिलाओं के सशक्तिकरण और शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

इस सीट पर पिता-पुत्र आमने-सामने

पूर्वी चंपारण की चिरैया विधानसभा सीट पर इस बार का मुकाबला बेहद रोचक बना है। यहां से RJD प्रत्याशी और पूर्व विधायक लक्ष्मी नारायण यादव के पुत्र लालू प्रसाद यादव भी चुनाव अखाड़े में हैं। पिता-पुत्र दोनों एक-दूसरे के खिलाफ मैदान में उतर आए हैं। हालांकि उनका मुख्य मुकाबला बीजेपी प्रत्याशी और मौजूदा विधायक लालबाबू प्रसाद गुप्ता से है। लक्ष्मी नारायण घोड़ासहन विधानसभा से 2 बार विधायक रहे हैं।

अरुण कुमार के बेटे, भाई और भतीजे NDA के कैंडिडेट

इस बीच जहानाबाद वाले अरुण कुमार के परिवार की लॉटरी लग गई है। अरुण कुमार 5  साल तक सांसद रहे, इनके परिवार के तीन लड़के एक साथ राजनीति की दुनिया में कदम रख चुके हैं। NDA की दो पार्टी जेडीयू और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) ने तीन लोगों को टिकट दिया है। अरुण कुमार के बेटे ऋतुराज को JDU ने जहानाबाद जिले की घोसी सीट से मैदान में उतारा है। जबकि अरुण कुमार के भाई अनिल कुमार जीतनराम मांझी की पार्टी से मैदान में उतरे हैं। अनिल कुमार 4 बार विधायक रह चुके हैं और अब वो राजनीति के मंझे हुए खिलाड़ी बन चुके हैं। उन्हें हम ने गया जिले की टिकारी सीट से लड़ाया है।  परिवार के तीसरे सदस्य रोमित कुमार, अरुण कुमार के भतीजे हैं। रोमित अरुण कुमार के दूसरे भाई अरविंद कुमार के बेटे हैं, वो भी पहली बार चुनावी मैदान में उतरे हैं। वो भी जीतनराम मांझी की पार्टी से अतरी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं।  

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