बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए हर पार्टी कमर कस चुकी है। सत्ता में शामिल एनडीए गठबंधन को नीतीश कुमार की सुशासन सरकार पर भरोसा है। बीजेपी और जेडीयू नीतीश के कामकाज को लेकर एक बार फिर सत्ता में आने की तैयारी कर रहे हैं। वहीं, विपक्षी दल अलग-अलग यात्राओं के जरिए जनाधार हासिल करने की कोशिश में हैं। प्रशांत किशोर ने जनसुराज यात्रा निकाली तो कांग्रेस और आरजेडी ने वोटर बचाओ यात्रा निकाली। अब जनता को यह तय करना है कि विजयी यात्रा किस दल या गठबंधन की होगी। इस बार यहां छह नवंबर को मतदान होना है।
बिहार में मुख्य लड़ाई बीजेपी और जेडीयू के एनडीए गठबंधन और आरजेडी, कांग्रेस के इंडिया गठबंधन के बीच है। एनडीए में इस बार चिराग पासवान भी साथ हैं और उनका साथ गठबंधन को मजबूती देगा। 2020 में चिराग के अलग होने के चलते जेडीयू को कई सीटें गंवानी पड़ी थीं और इसका सीधा फायदा आरजेडी को हुआ था। हालांकि, इस बार प्रशांत किशोर की जनसुराज पार्टी अपनी छाप छोड़ने के लिए तैयार है। ऐसे में बिहार के समीकरण रोचक हो चले हैं।
बेलदौर में जेडीयू का जलवा
बेलदौर विधानसभा सीट 2008 में अस्तित्व में आई और तब से लेकर अब तक यहां तीन विधानसभा चुनाव हुए हैं। यहां के लोगों ने हर बार जेडीयू के उम्मीदवार को ही जीत दिलाई है। खास बात यह है कि तीनों बार पन्ना लाल सिंह पटेल ही विधायक बने हैं। ऐसे में वह जीत का चौका लगाते नजर आएं तो किसी को हैरानी नहीं होगी। 2020 में बेलदौर में कुल 31.95 प्रतिशत वोट पड़े थे और पन्ना लाल सिंह पटेल ने इंडियन नेशनल कांग्रेस के चंदन यादव को 5108 वोटों के मार्जिन से हराया था।
लोकप्रिय नेता हैं पन्नालाल
पन्ना लाल सिंह पटेल 2000 में चौथम विधानसभा से विधायक बने थे। इसके बाद 2005 में भी उन्होंने यहां से चुनाव जीता। 2008 में यह सीट खत्म हुई और बेलदौर सीट बनी तो वह लगातार तीन बार विधायक बन चुके हैं। अब उनकी कोशिश जीत का चौका लगाने की होगी और वह इसमें कामयाब भी हो सकते हैं।
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