नवादा: बिहार में विधानसभा चुनावों के लिए सभी पार्टियों ने कमर कस ली है। जोर-शोर से प्रचार अभियान चलाया जा रहा है। हर दल इसी उम्मीद में है कि जनता का आशीर्वाद उसे मिलेगा, लेकिन इस बार बिहार की सियासत में काफी कुछ नया होने वाला है। एक तरफ चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर की नई पार्टी जनसुराज मैदान में है, वहीं दूसरी तरफ RJD से निष्कासित तेज प्रताप यादव भी चुनाव में उतरने के लिए पूरी ताकत झोंक रहे हैं। अब देखना ये होगा कि जनता का आशीर्वाद किसे मिलता है।
क्या हैं साल 2020 और 2015 के विधानसभा चुनाव के नतीजे?
बिहार के 243 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में से एक नवादा भी है। साल 2020 के विधानसभा चुनावों में यहां से RJD की विभादेवी जीती थीं। उन्हें कुल 72435 वोट मिले थे। दूसरे नंबर पर निर्दलीय उम्मीदवार श्रवण कुमार रहे थे। उन्हें कुल 46125 वोट मिले थे। तीसरे नंबर पर JDU के कौशल यादव रहे थे। उन्हें कुल 34567 वोट मिले थे। वहीं, सातवें नंबर पर NOTA रहा था। उसे कुल 2930 वोट मिले थे।
साल 2015 के विधानसभा चुनावों में RJD के राजबल्लभ प्रसाद जीते थे। उन्हें कुल 88235 वोट मिले थे। दूसरे नंबर पर राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के इंद्रदेव प्रसाद रहे थे। उन्हें कुल 71509 वोट मिले थे। तीसरे नंबर पर निर्दलीय उम्मीदवार सुधीर कुमार थे। उन्हें 2435 वोट मिले थे।
कैसा होगा साल 2025 का चुनाव?
पिछले 2 विधानसभा चुनावों को देखें तो यहां से RJD दोनों बार जीती है। इससे पहले 2020 के चुनाव में जेडीयू ने जीत दर्ज की थी ऐसे में 2025 का चुनाव जेडीयू के पक्ष में होना चाहिए। वहीं दूसरी पार्टियों के लिए ये RJD के हाथ से सीट खींचने और जीतने का मौका होगा। देखना ये होगा कि बिहार की जनता किस पार्टी पर अपने भरोसे की मुहर लगाती है।
वैसे इस बार का चुनाव इसलिए भी दिलचस्प है क्योंकि नई सियासी पार्टी जनसुराज भी अपना भाग्य आजमा रही है। देखना ये भी होगा कि नई पार्टी पर बिहार की जनता कितना भरोसा करती है।