बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में भारतीय जनता पार्टी के लिए बिहपुर की सीट बचा पाना आसान नहीं होगा। यहां के मतदाता हमेशा से ही अपना विधायक बदलते रहे हैं। शुरुआती पांच चुनाव में तो यहां कोई भी नेता लगातार दो बार चुनाव नहीं जीता था। हालांकि, इसके बाद सीपीआई ने लगातार तीन बार इस सीट पर जीत हासिल की, लेकिन यह पार्टी भी कुल 4 बार ही यहां जीत हासिल कर पाई है। 2024 लोकसभा चुनाव में भी यहां एनडीए उम्मीदवार को करीबी अंतर से जीत मिली थी। ऐसे में इस बार बीजेपी के लिए अपनी सीट बचाना आसान नहीं होगा। इस बार यहां दूसरे चरण में 11 नवंबर को मतदान होना है।
बिहपुर एक सामान्य श्रेणी की विधानसभा सीट है। यहां के मतदाता अक्सर अपना प्रतिनिधि बदलते रहे हैं। ऐसे में एनडीए गठबंधन भी अपना उम्मीदवार बदल सकता है। वहीं, इंडिया गठबंधन से आरजेडी के उम्मीदवार को मौका मिल सकता है।
क्या है पुराना रिकॉर्ड?
बिहपुर में अब तक 17 विधानसभा चुनाव हुए हैं और सबसे ज्यादा चार बार कांग्रेस, सीपीआई और आरजेडी को जीत मिली है। भाजपा ने तीन बार यह सीट अपने नाम की है। वहीं, जनता दल को यहां दो बार जीत मिली है। हालांकि, कांग्रेस को 1985 के बाद से इस सीट पर सफलता नहीं मिली है। 2000 के बाद से यहां बीजेपी और आरजेडी के बीच कांटे की टक्कर रही है। पिछले पांच विधानसभा चुनावों में तीन बार आरजेडी और दो बार बीजेपी ने जीत हासिल की है।
पिछले चुनावों में किसका दबदबा?
पिछले 7 प्रमुख चुनावों में भाजपा 3 बार, जेडीयू 2 बार और आरजेडी 2 बार आगे रही है। 2024 लोकसभा चुनाव में जेडीयू को जीत मिली, लेकिन जीत का अंतर बेहद कम था। 2020 विधानसभा चुनाव और 2010 में भी बीजेपी की जीत का अंतर ज्यादा नहीं था। 2015 में आरजेडी की जीत का अंतर भी 12,716 वोट का था। ऐसे में इस बार भी दोनों गठबंधन के बीच कांटे की टक्कर होना तय है।
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