1. Hindi News
  2. बिहार
  3. बिहार विधानसभा चुनाव 2025: रफीगंज सीट पर क्या फिर चलेगा मोहम्मद नेहलुद्दीन का जादू?

बिहार विधानसभा चुनाव 2025: रफीगंज सीट पर क्या फिर चलेगा मोहम्मद नेहलुद्दीन का जादू?

 Published : Sep 05, 2025 11:32 pm IST,  Updated : Nov 07, 2025 06:46 pm IST

बिहार की रफीगंज सीट पर जोर-शोर से प्रचार अभियान चलाया जा रहा है। संभावित उम्मीदवार जनता के बीच जा रहे हैं। इस साल होने वाले चुनाव में मुकाबला काफी रोचक हो सकता है।

rafiganj assembly seat- India TV Hindi
रफीगंज विधानसभा चुनाव। Image Source : INDIA TV

रफीगंज: बिहार में विधानसभा चुनावों के लिए सभी पार्टियों ने कमर कस ली है। जोर-शोर से प्रचार अभियान चलाया जा रहा है। रफीगंज विधानसभा सीट बिहार की महत्वपूर्ण विधानसभा सीट है, जहां पिछली बार RJD ने जीत दर्ज की थी। इस सीट पर इस साल विधानसभा चुनाव काफी दिलचस्प होने वाला है। इस बार बिहार की सियासत में काफी कुछ नया होने वाला है। एक तरफ चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर की नई पार्टी जनसुराज मैदान में है, वहीं दूसरी तरफ आरजेडी से निष्कासित तेज प्रताप यादव भी चुनाव में उतरने के लिए पूरी ताकत झोंक रहे हैं।

क्या हैं साल 2020 और 2015 के विधानसभा चुनाव के नतीजे? 

बिहार के 243 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में से एक रफीगंज भी है। साल 2024 के विधानसभा चुनाव में यहां से RJD के मोहम्मद नेहलुद्दीन जीते थे। मोहम्मद नेहलुद्दीन ने निर्दलीय उम्मीदवार प्रमोद कुमार सिंह को 9429 वोट से हराया था। मोहम्मद नेहलुद्दीन ने 63325 वोट हासिल किए थे, जबकि प्रमोद कुमार सिंह को 53896 वोट मिले थे। वहीं तीसरे नंबर पर रहे जेडीयू के अशोक कुमार सिंह को 26833 वोट मिले थे।

2015 के बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान रफीगंज विधानसभा सीट पर जेडीयू की जीत हुई थी। उस समय जेडीयू ने अशोक कुमार सिंह को मैदान में उतारा था और उन्हें 62897 वोट प्राप्त हुए थे। 2015 में दूसरे नंबर पर इस सीट पर लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) प्रत्याशी प्रमोद कुमार सिंह रहे थे जिन्हें 53372 वोट प्राप्त हुए थे। 2015 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के साथ लोकजनशक्ति पार्टी, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा तथा राष्ट्रीय लोकसमता पार्टी के बीच गठबंधन था जबकि दूसरी तरफ जनता दल यूनाइटेड, राष्ट्रीय जनता दल और कांग्रेस का गठबंधन था। 

कैसा होगा साल 2025 का चुनाव?

इस बार रफीगंज सीट पर NDA को रणनीति और शायद उम्मीदवार, दोनों पर पुनर्विचार करना होगा, ताकि मतदाताओं का विश्वास वापस जीता जा सके और RJD की मजबूत पकड़ को चुनौती दी जा सके। वैसे इस बार का चुनाव इसलिए भी दिलचस्प है क्योंकि नई सियासी पार्टी जनसुराज भी अपना भाग्य आजमा रही है।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। बिहार से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।