गोबिन्दपुर: बिहार में विधानसभा चुनावों के लिए सभी पार्टियों ने कमर कस ली है। जोर-शोर से प्रचार अभियान चलाया जा रहा है। हर दल इसी उम्मीद में है कि जनता का आशीर्वाद उसे मिलेगा। बिहार के 243 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में से एक चकाई भी है। यह विधानसभा सीट बिहार के नवादा जिले में आती है। 2020 में यहां पर RJD से मो. कामरान ने JDU के पुर्णिमा यादव को 33074 वोटों के मार्जिन से हराया था। लेकिन इस बार बिहार की सियासत में काफी कुछ नया होने वाला है। एक तरफ चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर की नई पार्टी जनसुराज मैदान में है, वहीं दूसरी तरफ RJD से निष्कासित तेज प्रताप यादव भी चुनाव में उतरने के लिए पूरी ताकत झोंक रहे हैं। अब देखना ये होगा कि जनता का आशीर्वाद किसे मिलता है।
क्या हैं साल 2020 और 2015 के विधानसभा चुनाव के नतीजे?
साल 2020 के विधानसभा चुनावों में यहां से RJD के मो. कामरान जीते थे। उन्हें कुल 79557 वोट मिले थे। दूसरे नंबर पर जेडीयू की पूर्णिमा यादव रही थी। उन्हें कुल 46483 वोट मिले थे। तीसरे नंबर पर एलजेपी के रंजीत यादव रहे थे। उन्हें कुल 16111 वोट मिले थे। वहीं, चौथे नंबर पर NOTA रहा था। उसे कुल 4657 वोट पड़े थे।
साल 2015 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस की पूर्णिमा यादव जीती थीं। उन्हें कुल 43016 वोट मिले थे। दूसरे नंबर पर बीजेपी उम्मीदवार फूला देवी रही थी। उन्हें कुल 38617 वोट मिले थे। तीसरे नंबर पर स्वतंत्र उम्मीदवार मो. कामरान सिंह थे जिन्हें 32646 वोट मिले थे।
कैसा होगा साल 2025 का चुनाव?
1967 से लेकर अब तक गोबिन्दपुर विधानसभा क्षेत्र में कुल 15 चुनाव हुए हैं। इनमें कांग्रेस ने 6 बार जीत दर्ज की, निर्दलीयों ने 3 बार, राजद ने 2 बार और लोकतांत्रिक कांग्रेस, जनता पार्टी, जनता दल तथा जेडीयू ने 1-1 बार जीत हासिल की। देखना ये होगा कि इस बार बिहार की जनता किस पार्टी पर अपने भरोसे की मुहर लगाती है। वैसे इस बार का चुनाव इसलिए भी दिलचस्प है क्योंकि नई सियासी पार्टी जनसुराज भी अपना भाग्य आजमा रही है। देखना ये भी होगा कि नई पार्टी पर बिहार की जनता कितना भरोसा करती है।