नबीनगर: बिहार में विधानसभा चुनावों के लिए सभी पार्टियों ने कमर कस ली है। जोर-शोर से प्रचार अभियान चलाया जा रहा है। नबीनगर विधानसभा सीट पर इस साल विधानसभा चुनाव काफी दिलचस्प होने वाला है। इस बार बिहार की सियासत में काफी कुछ नया होने वाला है। एक तरफ चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर की नई पार्टी जनसुराज मैदान में है, वहीं दूसरी तरफ आरजेडी से निष्कासित तेज प्रताप यादव भी चुनाव में उतरने के लिए पूरी ताकत झोंक रहे हैं।
क्या हैं साल 2020 और 2015 के विधानसभा चुनाव के नतीजे?
बिहार के 243 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में से एक नबीनगर भी है। साल 2020 के विधानसभा चुनावों में यहां से RJD के विजय कुमार सिंह जीते। विजय कुमार सिंह ने जनता दल यूनाइटेड के वीरेंद्र कुमार सिंह को 20121 वोटों के मार्जिन से हराया था। विजय कुमार सिंह को कुल 64943 वोट मिले थे। दूसरे नंबर पर JDU के वीरेंद्र कुमार सिंह को कुल 44822 वोट मिले थे। तीसरे नंबर पर राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के धर्मेंद्र कुमार रहे थे। उन्हें कुल 23490 वोट मिले थे। वहीं, पांचवें नंबर पर NOTA रहा था। उसे कुल 3368 वोट मिले थे।
साल 2015 के विधानसभा चुनावों में JDU के वीरेंद्र कुमार सिंह जीते थे। उन्हें कुल 42035 वोट मिले थे। दूसरे नंबर पर बीजेपी के गोपाल नारायण सिंह रहे थे। उन्हें कुल 36774 वोट मिले थे। तीसरे नंबर पर निर्दलीय उम्मीदवार विजय कुमार सिंह थे। उन्हें 22053 वोट मिले थे।
कैसा होगा साल 2025 का चुनाव?
नबीनगर विधानसभा जिले की हॉट सीट के रूप में जानी जाती है। भले ही भाजपा-नीत NDA आज अधिक एकजुट दिखता है फिर भी नबीनगर में उनकी राह आसान नहीं है। फिलहाल नबीनगर विधानसभा और करकट लोकसभा क्षेत्र पर RJD और उसके सहयोगी CPI(ML)(L) का मजबूत नियंत्रण है। वैसे इस बार का चुनाव इसलिए भी दिलचस्प है क्योंकि नई सियासी पार्टी जनसुराज भी अपना भाग्य आजमा रही है।
नबीनगर विधानसभा सीट का चुनावी इतिहास
नबीनगर विधानसभा सीट पर राजपूत जाति के अलावा यादव और रविदास वोटर निर्णायक भूमिका में रहते हैं। शुरुआती दशकों में इस सीट पर कांग्रेस का दबदबा रहा। कांग्रेस ने 1990 तक 8 बार नबीनगर पर कब्जा जमाया। इस बीच एक-एक बार सीपीआई और जनता पार्टी के भी विधायक रहे। 1995 में वीरेंद्र सिंह ने नबीनगर में जनता दल का परचम लहराया। 1996 के उपचुनाव में बाहुबली पूर्व सासंद आनंद मोहन की पत्नी लवली आनंद यहां से विधायक चुनी गईं। इसके बाद RJD के भीम यादव दो बार जीते। 2005 में विजय सिंह ने LJP को पहली बार यहां जीत दिलाई। इसके बाद 10 साल यह सीट JDU के पास रही और वीरेंद्र सिंह लगातार दो बार विधायक रहे। 2020 के विधानसभा चुनाव में RJD के विजय सिंह ने जेडीयू के वीरेंद्र सिंह को हराया था, जबकि रालोसपा से लड़े धर्मेंद्र कुमार करीब 23 हजार वोट लाकर तीसरे नंबर पर रहे थे।