बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में परबत्ता विधानसभा सीट की लड़ाई एक बार फिर रोचक होने वाली है। इस सीट पर पिछले दो दशक से नीतीश कुमार की जेडीयू और लालू प्रसाद यादव की आरजेडी के बीच कांटे की टक्कर रही है। इस बार भी लड़ाई रोचक होने के आसार हैं, लेकिन चिराग और प्रशांत किशोर का प्रभाव एनडीए उम्मीदवार का काम आसान कर सकता है। प्रशांत किशोर दोनों पार्टियों के वोट काटेंगे। वहीं, चिराग के साथ से एनडीए को मदद मिलेगी। इस सीट पर छह नवंबर को मतदान होना है।
पिछले चुनाव में आरजेडी और जेडीयू उम्मीदवार के बीच कांटे की टक्कर रही थी। अंत में नीतीश के प्रत्याशी को एक हजार से भी कम वोट के अंतर से जीत मिली थी। वहीं, 2010 में आरजेडी का उम्मीदवार 808 वोट के अंतर से जीता था।
किस पार्टी को कितनी बार मिली जीत?
परबत्ता विधानसभा सीट पर सबसे ज्यादा सात बार जीत कांग्रेस को मिली है, लेकिन ये सातों जीत 1985 तक ही आई थीं। इसके बाद से पार्टी यहां एक जीत को तरस रही है। हालांकि, इसके बाज जेडीयू ने इस सीट को अपना गढ़ बनाने की कोशिश की है। नीतीश की पार्टी यहां पांच बार जीत हासिल कर चुकी है। राष्ट्रीय जनता दल ने भले ही पिछले दो दशक में जेडीयू को कड़ी टक्कर दी है, लेकिन पार्टी को जीत दो बार ही मिली है। वहीं, जनता दल ने भी यह सीट दो बार जीती है। समाजवादी पार्टी, संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी और एक निर्दलीय उम्मीदवार ने भी यहां एक-एक बार जीत दर्ज की है।
पिछले चार चुनावों में किसका पलड़ा भारी?
साल 200 में आरजेडी को यहां पहली बार जीत मिली थी। इसके बाद जेडीयू ने लगातार तीन बार यहां से विधानसभा चुनाव जीता। 2010 में आरजेडी ने करीबी अंतर से जीत हासिल की। हालांकि, 2015 में फिर यह सीट जेडीयू के खाते में चली गई। 2020 में चिराग की बगावत से मुकाबला कड़ा हुआ, लेकिन जेडीयू जीत हासिल करने में सफल रही। वहीं, 2024 लोकसभा चुनाव में चिराग की पार्टी के उम्मीदवार को भारी अंतर से जीत मिली। ऐसे में अनुमान लगाए जा रहे हैं कि इस बार भी एनडीए उम्मीदवार आसानी से जीत हासिल कर सकता है।
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