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पंडितों के लिए मांझी के बिगड़े बोल, "...आते हैं कहते हैं हम खाएंगे नहीं... राम कोई भगवान नहीं..."

 Reported By: Nitish Chandra @NitishIndiatv
 Published : Dec 19, 2021 02:31 pm IST,  Updated : Dec 19, 2021 05:36 pm IST

राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के ब्राह्मणों को लेकर अपशब्द बोले हैं। बढ़ते विवाद के बाद अब उन्होंने सफाई दी है।

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बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के बिगड़े बोल Image Source : PTI/ FILE PHOTO

Highlights

  • मांझी ने ब्राह्मणों के लिए गलत शब्दों का किया प्रयोग
  • सत्यनारायण भगवान की पूजा पर भी उठाया सवाल
  • बढ़ते विवाद के बाद दी सफाई

नयी दिल्ली: बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी एक विवादित बयान देकर फंस गए हैं। उन्होंने ब्राह्मणों के लिए अपशब्द बोले हैं। जीतन राम मांझी ने कहा, "आज कल हमारे गरीब तबके में धर्म की परायणता ज्यादा आ रही है। पहले हम सत्य नारायण पूजा का नाम नहीं जानते थे लेकिन... अब हम लोगों के हर टोला में उनकी पूजा हो रही है। पंडित... आते हैं और कहते हैं कि हम खाएंगे नहीं, हमको नगद ही दे दीजिए।" मांझी का ये वीडियो वायरल हो रहा है।

अब उन्होंने सफाई दी है। मांझी ने ट्विट कर कहा, "ब्राम्हण भाईयों को लेकर मेरे विडियो के उतने ही अंश को वॉयरल किया जा रहा है जिससे विवाद उत्पन्न हो,जिसे सत्यता जानने के लिए पूरा सुनने की आवश्यकता है। मेरे दिल में समाज के हर तबके के लिए उतनी ही इज्जत है जितना मैं अपने परिवार के लिए करता हूं।"

राज्य के पूर्व सीएम और हिंदुस्तान आवाम मोर्चा (हम) के मुखिया जीतन राम मांझी पटना में भुइयां मुसहर सम्मेलन में पहुंचे थे। मांझी ने अपने भाषण के दौरान ब्राह्मणों के लिए अपशब्द का इस्तेमाल किया। सभा में भुइयां मुसहर सम्मेलन में जीतन राम मांझी ने कहा, "आजकल गरीब तबके के लोगों में धर्म की परायणता ज्यादा आ रही है। सत्यनारायण भगवान की पूजा का नाम हम लोग नहीं जानते थे। अब हर टोला में हम लोगों के यहां सत्यनारायण भगवान की पूजा होती है। पंडित... आते हैं और कहते हैं कि कुछ नहीं खाएंगे... बस कुछ नगद दे दीजिए।"

आगे जीतन राम मांझी ने भगवन राम को लेकर कहा, 'राम को हम नहीं मानते हैं, वो आदमी नहीं थे। काल्पनिक है वो। हमलोग मूर्ति पूजते हैं... ठीक है रामायण लिखी गई है। रामायण में बहुत सी ऐसी उक्तियां हैं, जो पढ़ने योग्य है। समझने योग्य है। लेकिन राम भगवान थे, ये मानने को हम तैयार नहीं...।

बढ़ते विवाद के बाद पटना में जीतन राम मांझी ने सफाई देते हुए अपने बयान से पलट गए। उन्होंने कहा कि वो ब्राह्मणों को नहीं बल्कि अपने समाज के लोगों के लिए इस गाली का इस्तेमाल किया था।  

जीतन राम मांझी की पार्टी हम बिहार में एनडीए का सहयोगी घटक दल है। मांझी इससे पहले भी कई विवादास्पद बयान दे चुके हैं। उन्होंने बिहार में बड़े अधिकारियों के रात 10 बजे के बाद घर मे शराब पीने और गरीबों को जेल भेजे जाने का आरोप लगाते हुए राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर हमला बोला था। मांझी ने गरीबों को भी घर मे रहकर थोड़ी-थोड़ी शराब पीने की सलाह दी थी। मांझी पीएम मोदी पर भी कई बार तंज कसते नजर आ चुके हैं। उन्होंने कोरोना से होने वाली मौत के मामले को लेकर कहा था कि जब वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट पर पीएम की तस्वीर है तो मृत्यु प्रमाणपत्र पर भी उनकी तस्वीर होनी चाहिए। मांझी तेजस्वी यादव की तारीफ करते हुए भी कई बार देखे गए हैं।

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