1. Hindi News
  2. बिहार
  3. बिहार के स्वास्थ्य मंत्री 20 बच्चों के साथ पहुंचे गुजरात, जिन बच्चों के दिल में छेद उनका होगा इलाज

बिहार के स्वास्थ्य मंत्री 20 बच्चों के साथ पहुंचे गुजरात, जिन बच्चों के दिल में छेद उनका होगा इलाज

 Edited By: Avinash Rai @RaisahabUp61
 Published : Aug 28, 2024 09:08 pm IST,  Updated : Aug 28, 2024 09:08 pm IST

बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय आज पटना एयरपोर्ट पर 20 बच्चों के साथ पहुंचे। ये वो बच्चे थे, जिनके दिल में छेद है। उनके साथ स्वास्थ्य मंत्री अहमदाबाद के लिए रवाना हुए, जहां उनका अस्पताल में इलाज होगा।

Bihar health minister mangal pandey reached Gujarat with 20 children those children who have holes i- India TV Hindi
बिहार स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय Image Source : INDIA TV

बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय आज पटना एयरपोर्ट से अहमदाबाद के लिए रवाना हुए। इस दौरान खास बात ये रही कि इस दौरान उनके साथ 20 बच्चे भी अहमदाबाद के लिए रवाना हुए। दरअसल आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के लिए मुख्यमंत्री बाल ह्रदय योजना के तहत अबतक 1501 बच्चों की सर्जरी कराई जा चुकी है। इसी कड़ी में दिल में छेद वाले बच्चों के साथ बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय पटना एयरपोर्ट से अहमदाबाद के लिए रवाना हुए, जहां इन बच्चों की सर्जरी श्री सत्य सांईं अस्पताल में की जाएगी। एयरपोर्ट पर रवानगी से पूर्व स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि मुख्यमंत्री बाल ह्रदय योजना जन्म से ह्रदय में छेद वाले बच्चों के लिए जीवनदायिनी साबित हो रही है।

20 बच्चों के साथ गुजरात रवाना हुए स्वास्थ्य मंत्री

बता दें कि इस योजना के तहत अब तक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग द्वारा 1501 बच्चों की निशुल्क सफल सर्जरी कराई जा चुकी है। मंगल पांडेय ने आगे कहा कि बिहार के मुखिया नीतीश कुमार ने प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को और उन्नत बाने के लिए कई ऐतिहासिक फैसले लिए हैं। उसी क्रम में बच्चों की सर्जरी भी कराई जा रही है। इन बच्चों की स्क्रीनिंग के बाद अहमदाबाद स्थित श्री सत्य साईं अस्पताल भेजा जाता है, जहां सर्जरी की प्रक्रिया पूर्ण होती है। उन्होंने आगे कहा कि इस बार मैं स्वयं साथ में यात्रा कर रहा हूं, जिससे मुझे सारी व्यवस्थाओं को देखने और समझने का भरपूर मौका मिलेगा।

राज्य सरकार उठाती है पूरा खर्च

उन्होंने कहा कि ये ऐसे बच्चे हैं जिनकी आर्थिक स्थिति इस लायक नहीं थी कि उनके माता-पिता प्राइवेट अस्पताल में सर्जरी करा सकें। ऐसे में बाल हृदय योजना उनके लिए बेहद कारगर और सफल साबित हुई है। बच्चों में होने वाले जन्मजात रोगों में हृदय में छेद होना एक गंभीर समस्या है। इस योजना के तहत हृदय में छेद के साथ जन्मे बच्चों के निःशुल्क इलाज की व्यवस्था की गई। इनमें बच्चों की शुरुआती स्क्रीनिंग से लेकर उनके आने-जाने तक का खर्च राज्य सरकार द्वारा उठाया जाता है। बता दें कि इस दौरान एयरपोर्ट पर स्वास्थ्य मंत्री ने बच्चों और उनके परिजनों से बात भी की।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। बिहार से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।