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'ऑर्केस्ट्रा में खुले कपड़े और अश्लील गानों पर जबरन नाच', जानिए कैसे बिहार में 42 लड़कियों समेत 45 बच्चों को बचाया गया?

 Edited By: Dhyanendra Chauhan
 Published : Mar 10, 2025 05:38 pm IST,  Updated : Mar 10, 2025 05:46 pm IST

बिहार पुलिस ने 'ऑपरेशन नटराज’ के तहत रोहतास जिले में कई स्थानों पर छापेमारी की। इस दौरान पुलिस ने मानव तस्करी से जुड़े रैकेट का भंडाफोड़ किया है। लड़कियों को नौकरी और शादी का झांसा दिया गया था। ऑर्केस्ट्रा में इनसे जबरन डांस करवाया जाता था।

सांकेतिक तस्वीर- India TV Hindi
सांकेतिक तस्वीर Image Source : FILE PHOTO

बिहार पुलिस द्वारा हाल ही में चलाए गए मानव तस्करी निरोधक अभियान में 42 लड़कियों समेत कुल 45 बच्चों को बचाया गया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी। रोहतास जिले (सासाराम) के पुलिस अधीक्षक रोशन कुमार ने बताया कि पिछले सप्ताह ‘ऑपरेशन नटराज’ के तहत जिले में कई स्थानों पर छापेमारी की गई थी। 

ऑर्किस्ट्रा पार्टियों पर इन लड़कियों को रखा जा रहा था

उन्होंने कहा, ‘एक गैर सरकारी संगठन ने अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (CID) अनिल कुमार जैन को सूचना दी थी कि नाबालिगों को, जिनमें से अधिकतर राज्य के बाहर से हैं, कई तथाकथित ऑर्केस्ट्रा पार्टियों द्वारा काम पर रखा जा रहा है, जो शादियों और अन्य सार्वजनिक समारोहों में प्रस्तुति देते हैं।’ 

अश्लील गानों पर नाचने को किया जाता था मजबूर

अधिकारी ने कहा, ‘बताया गया कि इन बच्चों को भयावह परिस्थितियों में रहने के लिए मजबूर किया जाता है। उन्हें खुले कपड़े पहनने और अश्लील गानों की धुनों पर नाचने के लिए मजबूर किया जाता है। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ADG) ने सूचना हमें दी और हमने अभियान शुरू किया।’ 

6 घंटे तक चला अभियान

उन्होंने कहा कि गुरुवार की सुबह शुरू हुआ अभियान ‘छह घंटे तक चला, जिसमें कई पुलिस थानों के कर्मी 19 वाहनों में सवार होकर मौके पर पहुंचे। तीन नाबालिग लड़कों को भी बचाया गया। गिरोह में शामिल होने के आरोप में पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया।’ 

सभी बच्चे बेहद गरीब परिवार से

अधिकारी ने कहा, ‘ऐसा लगता है कि लड़कियों को नौकरी और शादी का झांसा दिया गया था। लड़कों को आर्थिक सुरक्षा का वादा किया गया था। बचाए गए सभी बच्चे बेहद गरीब पृष्ठभूमि से हैं।’ उन्होंने कहा कि आरोपियों को कानूनी कार्रवाई के बाद जेल भेज दिया गया है, जबकि बचाए गए बच्चों के पुनर्वास के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।

इस मामले पर क्या कहा एनजीओ ने?

 इस बीच, गैर सरकारी संगठन एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन (AVA) के वरिष्ठ निदेशक मनीष शर्मा ने एक बयान में कहा, ‘पहले, लड़कियों की तस्करी ज्यादातर पश्चिम बंगाल से होती थी, लेकिन अब छत्तीसगढ़ ऐसे नेटवर्क का नया केंद्र बन गया है। अंतर-राज्यीय तस्करी गिरोहों के पीछे प्रभावशाली लोग हो सकते हैं। इन्हें खत्म करने के लिए गहन जांच की जरूरत है।’

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