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बेंगलुरु में बिहार महोत्सव-2026 का शुभारंभ, CM सम्राट चौधरी ने प्रवासी बिहारियों से जन्मभूमि के विकास में योगदान की अपील की

 Reported By: Nitish Chandra Written By: Dhyanendra Chauhan
 Published : Sep 03, 2026 10:31 pm IST,  Updated : Sep 03, 2026 10:44 pm IST

बिहार महोत्सव के शुभारंभ में बोलते हुए सीएम सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार ने हमेशा दुनिया को दिशा देने का काम किया है। बिहार को अब विकास और समृद्धि के नए दौर में आगे ले जाना है।

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी- India TV Hindi
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी Image Source : REPORTER INPUT

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रविशंकर ने आज बेंगलुरु में आर्ट ऑफ लिविंग के प्रांगण में दीप प्रज्ज्वलित कर चार दिवसीय बिहार महोत्सव-2026 कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के आयोजन और बिहार महोत्सव में शामिल होने का अवसर प्रदान करने के लिए परम पूजनीय गुरुदेव श्री श्री रविशंकर जी के प्रति आभार व्यक्त किया। श्री श्री रविशंकर ने बिहार महोत्सव को राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक जुड़ाव का माध्यम बताया।

कर्मभूमि के साथ-साथ अपनी जन्मभूमि के विकास में भी दें योगदान

कार्यक्रम को संबोधित करते हुये मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार ने सदियों से देश और दुनिया को ज्ञान, करुणा, दर्शन और अहिंसा का संदेश दिया है। बिहार की धरती ने भगवान बुद्ध, भगवान महावीर, गुरु गोविंद सिंह और महात्मा गांधी जैसे महान व्यक्तित्वों को अपनी विरासत से जोड़ा है। आज आवश्यकता है कि बिहार के लोग अपनी कर्मभूमि के साथ-साथ अपनी जन्मभूमि के विकास में भी योगदान दें। बिहार समृद्ध होगा, तभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के विकसित भारत के संकल्प को साकार किया जा सकेगा। 

31 दिसंबर 2028 तक बिहार में मां सीता का बनेगा मंदिर

उन्होंने कहा कि बिहार ऐतिहासिक और गौरवशाली धरती है। पाटलिपुत्र इसकी ऐतिहासिक राजधानी रही है। अगले दो सालों में 31 दिसंबर 2028 तक बिहार में मां सीता का भव्य मंदिर स्थापित किया जाएगा। उन्होंने श्री श्री रविशंकर जी के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन की स्थापना साल 1981 में हुई और पिछले 45 सालों से अधिक समय में संस्था ने दुनिया को जीवन जीने की नई दिशा दी है। सुदर्शन क्रिया के माध्यम से लोगों को स्वस्थ और तनावमुक्त जीवन का रास्ता दिखाने में गुरुदेव का महत्वपूर्ण योगदान है।

बदलती आर्थिक स्थिति और विकास की गति

मुख्यमंत्री ने बिहार की विकास यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि करीब 27 साल पहले जब वे बिहार विधानसभा के सदस्य बने थे, उस समय राज्य का बजट लगभग 6 हजार करोड़ रुपये था। झारखंड के अलग होने के बाद बिहार के पास संसाधन सीमित थे और राज्य के राजस्व का बड़ा हिस्सा झारखंड क्षेत्र से आता था। इसके बावजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी के मार्गदर्शन में बिहार ने विकास की लंबी यात्रा तय की। साल 2024 में वित्त मंत्री के रूप में मैंने 3.17 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया था। यह बिहार की बदलती आर्थिक स्थिति और विकास की गति का प्रमाण है।

बिहार में सिंचाई के क्षेत्र में भी बड़ा बदलाव

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में सिंचाई के क्षेत्र में भी बड़ा बदलाव आया है। पहले करीब 21 लाख हेक्टेयर भूमि सिंचित थी, जो अब बढ़कर लगभग 44 लाख हेक्टेयर हो चुकी है। सरकार ने लक्ष्य तय किया है कि साल 2030 से पहले राज्य में 70 लाख हेक्टेयर भूमि को सिंचित किया जाएगा। बिहार के लोग देश के विभिन्न हिस्सों में जाकर अपनी मेहनत और प्रतिभा से विकास में योगदान दे रहे हैं। बेंगलुरु जैसे शहरों में भी बड़ी संख्या में बिहारी काम कर रहे हैं। उन्होंने प्रवासी बिहारियों से अपील की कि वे अपनी कर्मभूमि में आगे बढ़ते रहें लेकिन अपनी जन्मभूमि बिहार के विकास और समृद्धि में भी योगदान दें। 

बिहार सीएम सम्राट चौधरी और आध्यात्मिक श्री श्री रविशंकर
Image Source : REPORTER INPUTबिहार सीएम सम्राट चौधरी और आध्यात्मिक श्री श्री रविशंकर

उन्होंने कहा कि आज का युग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का है। जिस तरह कंप्यूटर, इंटरनेट और सोशल मीडिया ने दुनिया को बदला, उसी तरह ए०आई० आने वाले समय में शासन और जनसेवा को और प्रभावी बनाएगा। बिहार में भी ए०आई० आधारित व्यवस्था के माध्यम से सुशासन को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है। 

 आम लोगों की समस्याओं का समाधान

उन्होंने बिहार सरकार के सहयोग कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि आम लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए एक ऐसी व्यवस्था बनाई गई है, जिसमें आवेदन के बाद निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्रवाई होती है। उन्होंने कहा कि यदि 30 दिनों के बाद भी समस्या का समाधान नहीं होता है तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई का आदेश स्वतः जारी हो जाता है। जनता को संतुष्ट रखना, उसकी सुविधा बढ़ाना और उसे न्याय दिलाना ही लोकतांत्रिक शासन का मूल उद्देश्य है। इसी सोच के साथ वे स्वयं भी महीने के दूसरे मंगलवार को लोगों की शिकायतों की समीक्षा करते हैं।

बिहार ने हमेशा दुनिया को दिशा देने का किया काम 

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार ने हमेशा दुनिया को दिशा देने का काम किया है। मोतिहारी की धरती पर महात्मा गांधी के चम्पारण सत्याग्रह का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि चंपारण की धरती ने मोहनदास करमचंद गांधी को 'महात्मा गांधी' बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बिहार को अब विकास और समृद्धि के नए दौर में आगे ले जाना है। इसके लिए बिहार के बाहर रहने वाले सभी लोगों का सहयोग भी आवश्यक है। उन्होंने श्री श्री रविशंकर जी से बिहार की समृद्धि के लिए आशीर्वाद की कामना करते हुए कहा कि बिहार भारत के साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़े और दुनिया में अपनी पहचान को और मजबूत करे।

पाग और अंगवस्त्र भेंटकर श्री श्री रविशंकर जी का स्वागत

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने आर्ट ऑफ लिविंग प्रांगण में लगे बिहार के व्यंजन, मधुबनी पेंटिंग्स सहित अन्य स्टॉलों का अवलोकन किया। इससे पहले मुख्यमंत्री ने गौशाला, आश्रम में स्थित गुरुकुल का भ्रमण किया और गणेश मंदिर में पूजा अर्चना कर बिहारवासियों की सुख, समृद्धि की कामना की। मुख्यमंत्री ने पाग और अंगवस्त्र भेंटकर श्री श्री रविशंकर जी का स्वागत किया। श्री श्री रविशंकर जी ने भी अंगवस्त्र भेंटकर मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया।

आज बिहार के लिए बहुत ही खुशी का दिन- सम्राट चौधरी

पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज बिहार के लिए बहुत ही खुशी का दिन है कि श्री श्री रविशंकर जी के आर्ट ऑफ लिविंग के प्रांगण में बिहार महोत्सव- 2026 मनाया जा रहा है। मैं सर्वप्रथम गुरुजी को प्रणाम करता हूं और बधाई भी देता हूं कि आपने बिहारवासियों को अपने यहां जगह दी। श्री श्री रविशंकर जी पूरे बिहार की समृद्धि का रास्ता खोलना चाहते हैं। लोगों को भगवान की प्राप्ति तो बाद में होगी लेकिन गुरु जी के माध्यम से शांति और भगवान की प्राप्ति हो रही है।

मधुबनी आर्ट की प्रशंसा करते हुए आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रविशंकर जी ने कहा कि बिहार महोत्सव में देश की विविधता को यहां दर्शाया गया है। बिहार के तरह-तरह के व्यंजनों का भी स्टॉल लगाया गया है। इसी तरह राष्ट्रीय एकता का भाव जागेगा और देश के लोग आपस में जुड़कर रहेंगे।

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