बिहार के सिवान जिले में पुलिस फायरिंग मामले में बिहार पुलिस मुख्यालय ने स्पष्टीकरण जारी किया है। बिहार पुलिस ने कहा कि बीते 25 जुलाई को जेपी चौक पर प्रदर्शन के दौरान एक सिपाही ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए चार राउंड हवाई फायरिंग की थी। इस मामले में संबंधित सिपाही अभिषेक कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
दर्ज की जा रही अलग-अलग FIR
पुलिस का दावा है कि मौके पर कोई घायल नहीं हुआ, जबकि बाद में तीन लोग अलग-अलग स्थानों पर गोली लगने से घायल मिले, जिनकी हालत अब खतरे से बाहर बताई गई है। तीनों घायलों के बयान के आधार पर सिवान नगर थाने में अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच जारी है।
355 लोगों को कोर्ट में किया जाएगा पेश
बिहार पुलिस मुख्यालय ने 25 जुलाई के छात्र आंदोलन और हिंसा को लेकर बयान जारी किया है। पुलिस के मुताबिक, राज्यभर में प्रदर्शन के दौरान कुल 694 लोगों को हिरासत में लिया गया, जिनमें 339 नाबालिग और छात्रों को सत्यापन के बाद छोड़ दिया गया। हिंसक घटनाओं में शामिल 355 लोगों को न्यायालय में पेश किया गया है।
91 पुलिसकर्मी हुए घायल
प्रदर्शन के दौरान 91 पुलिस अधिकारी और जवान घायल हुए, जबकि 14 सरकारी वाहनों को नुकसान पहुंचा और एक वाहन को आग के हवाले कर दिया गया। पुलिस ने बताया कि कई प्रशासनिक अधिकारी गंभीर रूप से घायल हैं। पूरे मामले में कानून के मुताबिक कार्रवाई की जा रही है।
जवान ने AK-47 से चलाई गोली
बता दें कि सोशल मीडिया पर सिवान जिले का एक वीडियो वायरल हुआ है। एक जवान 25 जुलाई को सिवान जिले में छात्र प्रदर्शन के दौरान एके-47 राइफल का इस्तेमाल करता दिखाई दे रहा है। इस जवान को सस्पेंड भी कर दिया गया है।
जवान के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू
मामले की अधिक जानकारी देते हुए सिवान के पुलिस अधीक्षक (एसपी) पूरन कुमार झा ने कहा, 'जिला आसूचना इकाई (DIU) के संबंधित आरक्षी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।' उन्होंने कहा, 'फायरिंग में कोई घायल नहीं हुआ। प्रदर्शन के दौरान पुलिस बल को गोली नहीं चलाने के स्पष्ट निर्देश दिए गए थे।'