विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने हाल ही में यूजीसी एक्ट 2026 इक्विटी रेगुलेशन को लागू किया है, जिसे सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में तत्काल लागू करने के आदेश दिए गए हैं।
बांग्लादेश में छात्रों और शिक्षकों ने अब यूनुस सरकार के खिलाफ भी बड़ा आंदोलन शुरू कर दिया है। पुलिस को उन्हें काबू में करने के लिए वॉटर कैनन और आंसू गोले दागने पड़े।
पटना में STET, BTET और लाइब्रेरियन की परीक्षा की मांग कर रहे अभ्यर्थियों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया। अभ्यर्थी पटना कॉलेज परिसर से CM हाउस घेराव के लिए निकले थे।
प्रदर्शनकारी छात्रों ने जैसे ही बैरिकेडिंग क्रॉस करने की कोशिश की, तो पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए लाठियां भांजनी शुरू कर दी। लाठीचार्ज में कई छात्रों को चोट लगी है।
एसएफआई की जादवपुर विश्वविद्यालय इकाई के नेता रसेल परवेज ने कहा, ‘‘अगर जादवपुर विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कोई भी आंदोलनकारी छात्रों से बातचीत के लिए नहीं बैठता है, तो हम 10 मार्च को दोपहर दो बजे के बाद प्रशासनिक भवन को अनिश्चित काल के लिए पूरी तरह बंद कर देंगे।’’
प्रदर्शनकारियों ने अपने साथियों पर कथित हमले के खिलाफ कार्रवाई और एक मार्च की घटना के संबंध में पश्चिम बंगाल के शिक्षा मंत्री ब्रत्य बसु के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की, जिसमें मंत्री की कार से कथित तौर पर टकराने के कारण दो छात्र घायल हो गए थे।
बांग्लादेश की सियासत में बदलाव के संकेत मिलने लगे हैं क्योंकि अंतरिम सरकार के सूचना सलाहकार नाहिद इस्लाम ने मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया है। नाहिद ने सड़क पर सक्रिय रहने को जरूरी बताया है।
छात्रों को हिरासत में लेने के लिए पुलिस युनिवर्सिटी कैंपस के अंदर नहीं गई थी। युनिवर्सिटी प्रशासन की तरफ से छात्रों को पुलिस हिरासत में सौंपा गया।
पटना के बेली रोड पर गुरुवार को बड़ी संख्या में बीपीएससी के अभ्यर्थी कर रहे थे। इसी दौरान प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों की एक पुलिसकर्मी से झड़प हो गई और उसे जमीन पर पटक दिया। पुलिस ने 350 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है।
दिल्ली के रामजस कॉलेज में प्रोटेस्ट कर रहे छात्रों की पिटाई का एक वीडियो सामने आया है। यह हमला यौन उत्पीड़न के आरोपी प्रोफेसर के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान हुआ। इस घटना से कैंपस में तनाव है।
संवैधानिक सुधारों के लिए अपनी मांगों को लाखों लोगों के इकट्ठा होने की संभावना है। छात्र विश्वविद्यालय परिसरों, सुहरावर्दी उद्यान जैसे सार्वजनिक चौराहों और शाहभाग स्क्वायर जैसे प्रमुख चौराहों पर या उसके आसपास सभाएं आयोजित कर सकते हैं।
बिहार की राजधानी पटना में पुलिस ने बीपीएससी अभ्यर्थियों और छात्रों पर पानी की बौछारे फेंकने के साथ ही लाठीचार्ज भी किया। रविवार को ही प्रदर्शनकारी छात्रों से प्रशांत किशोर मिलने भी गए थे।
BPSC परीक्षा में ऐसा शायद ही कभी हुआ होगा। परीक्षार्थियों ने कहा कि कई कमरों में प्रश्न पत्र छात्रों को दिया ही नहीं गया, जिन छात्रों को दिया भी गया उनको काफी देर से दिया गया। ऐसे में जिन्हें प्रश्न मिला भी वो भी परीक्षा ठीक से नहीं दे सके और ओएमआर सीट लेकर बाहर आ गए।
महाराष्ट्र में मोदी का महाप्रयोग शुरु हो चुका है..एक ऐसा प्रयोग..जिसके बारे में राहुल सोच भी नहीं सकते। आज महाराष्ट्र में नरेंद्र मोदी की तीन चुनावी सभाएं हुईं। पहली चुनावी सभा छत्रपति संभाजी नगर में हुई। जिसको कुछ लोग औरंगाबाद कहते हैं। च्वाइस क्लियर है...औरंगज़ेब को मानने वाले इसे औरंगाबाद कहेंगे.
प्रदर्शन कर रहे छात्र चाहते हैं कि एक ही दिन में परीक्षा संपन्न कराई जाए। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) ने इस मामले में बयान जारी किया है। आयोग ने पिछले मंगलवार को इन परीक्षाओं की तारीखों की घोषणा की थी।
प्रयागराज की सड़कों पर सोमवार को सिविल सेवा के अभ्यर्थियों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। अभी भी हजारों की संख्या में अभ्यर्थी सड़क पर हैं। मौके पर पुलिस प्रशासन का कड़ा पहरा है।
बांग्लादेश में एक बार फिर से छात्रों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया है। प्रदर्शनकारी छात्र अब बांग्लादेश के राष्ट्रपति का इस्तीफा मांग रहे हैं। इस कारण शेख हसीना के पीएम पद से इस्तीफे को लेकर सामने आया ट्विस्ट है।
इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी के छात्रों ने कैंपस में जमकर विरोध प्रदर्शन किया। सैकड़ों छात्रों ने कुलपति कार्यालय के बाहर इकट्ठा होकर इस पूरे मामले पर उचित न्याय की मांग की है।
ममता बनर्जी की सरकार ने रेप जैसे जघन्य अपराध के खिलाफ एक बेहद ही कड़ा बिल विधानसभा से पास करवाया है लेकिन फिर भी छात्रों का गुस्सा कम होने का नाम नहीं ले रहा है और वे अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखे हुए हैं।
कोलकाता में महिला ट्रेनी डॉक्टर के साथ हुए जघन्य अपराध को लेकर लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। छात्र और डॉक्टर सड़क पर उतर कर ममता सरकार से इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
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