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कहीं फेंक तो नहीं दिया अपना पुराना स्मार्टफोन? गूगल की बड़ी तैयारी, बनाएगा खास डेटा सेंटर

 Written By: Harshit Harsh @HarshitKHarsh
 Published : Jun 15, 2026 11:08 am IST,  Updated : Jun 15, 2026 11:08 am IST

Google आपके पुराने स्मार्टफोन को एक मिनी डेटा सेंटर में बदलने जा रहा है। इसके लिए कंपनी खास प्रोजेक्ट लेकर आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, इसमें हजारों पुराने स्मार्टफोन को इस्तेमाल किया जाएगा।

Google Mini Data Center- India TV Hindi
गूगल का मिनी डेटा सेंटर Image Source : ALAMY (CGI)

क्या आपने भी अपना पुराना स्मार्टफोन कबाड़ समझकर फेंक दिया है? अगर, आपने ये गलती नहीं की है तो पुराने स्मार्टफोन को संभालकर रखें। गूगल एक खास मिनी डेटा सेंटर बना रहा है, जिसमें वो लाखों पुराने स्मार्टफोन का इस्तेमाल करेगा। सामने आ रही रिपोर्ट्स के मुताबिक, गूगल का यह प्रोजेक्ट कार्बन कम्प्यूटिंग कलस्टर टेक्नोलॉजी पर काम करेगा, जिसमें पुराने स्मार्टफोन को सीरीज करके एक डेटा सेंटर बनाया जाएगा।

पुराने फोन का हार्डवेयर होगा यूज

रिपोर्ट के मुताबिक, गूगल पुराने स्मार्टफोन के कम्प्यूटिंग हार्डवेयर को निकालकर क्लाउड ऐप्लीकेशन और रिसर्च वर्कलोड के तौर पर इस्तेमाल करना चाहता है। इसमें स्मार्टफोन के चिप, मेमोरी और स्टोरेज का इस्तेमाल करके हजारों डिवाइस को एक साथ जोड़ा जाएगा। यह एक मिनी डेटा सेंटर के तौर पर काम कर सकता है।

गूगल ने इसके लिए अमेरिका की एक यूनिवर्सिटी की रिसर्च टीम के साथ साझेदारी की है। गूगल और यूनिवर्सिटी के रिसर्चर्स साथ मिलकर टेस्ट कर रहे हैं कि हजारों पुराने हो चुके स्मार्टफोन को नए कंप्यूटिंग प्लेटफॉर्म में कैसे बदला जाए? अगर, गूगल का यह रिसर्च सफल रहा तो इस प्रोजेकेट के तहत कंपनी अपने करीब 2 हजार पुराने पिक्सल डिवाइस से एक मिनी डेटा सेंटर तैयार करेगा।

बनेगा मिनी डेटा सेंटर

Google का यह प्रोजेक्ट कलस्टर कम्प्यूटिंग कहलाएगा। कंपनी ने अपने आधिकारिक ब्लॉग पोस्ट के जरिए बताया कि रिसर्चर पुराने स्मार्टफोन से डिस्प्ले, बैटरी और कैमरा के अलावा बाहरी बॉडी को अलग कर लेगा। बचे हुए मदरबोर्ड और स्टोरेज कंपोनेंट्स को मिलाकर इसे डेटा सेंटर में कन्वर्ट किया जाएगा। कई पुराने स्मार्टफोन के मदरबोर्ड को आपस में कनेक्ट करके Linux ऑपरेटिंग सिस्टम इंस्टॉल किया जाएगा। सभी डिवाइस कनेक्ट होने के बाद इसे कलस्टर के तौर पर काम में लिया जाएगा।

कैसे करेगा काम?

गूगल की योजना है कि इन सभी पुराने डिवाइस को Kubernetes प्लेटफॉर्म के जरिए मैनेज किया जाएगा, जो एडवांस क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर के तौर पर यूज किया जा सकेगा। रिपोर्ट के मुताबिक, 25 से 50 स्मार्टफोन का एक कलस्टर तैयार किया जाएगा, जिसे मॉर्डन सर्वर के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकेगा। यह क्लाउड बेस्ड सर्विस के लिए कम्प्यूटिंग पावर जेनरेट कर सकेगा। कंपनी पुराने स्मार्टफोन को दोबारा इस्तेमाल करके कार्बन उत्सर्जन को कम करना चाहती है।

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