बिहार चुनाव: महुआ विधानसभा सीट से टिकट कटने के बाद फूट-फूटकर रोने लगीं जदयू की प्रदेश महासचिव डॉक्टर आशमा परवीन। फिर उन्होंने अपने पद से इस्तीफा भी दे दिया। बता दें कि, साल 2020 के विधानसभा चुनाव में जदयू के सिंबल पर आशमा परवीन ने चुनाव लड़ा था, लेकिन लगभग 13 हजार वोट से हार गईं थीं। उन्हें राजद के उम्मीदवार मुकेश रोशन ने हराया था। इस बार 2025 के चुनाव में भी जेडीयू के उम्मीदवार के रूप में वो रेस में थीं, लेकिन गठबंधन के कारण महुआ सीट से टिकट मिलने का आशमा परवीन का सपना चकनाचूर हो गया और महुआ सीट लोजपा रामविलास यानी चिराग पासवान के खाते में चली गई है।
अब टिकट नहीं मिलने से आशमा पार्टी से नाराज होकर उन्होंने पार्टी के प्रदेश महासचिव और पार्टी की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। अब आशमा ने ऐलान किया है कि वो निर्दलीय चुनावी मैदान में उतरेंगी। वे नामांकन दाखिल करने के लिए निकल चुकी हैं। टिकट नहीं मिलने के कारण वो रोने लगीं और लोगों से रोते हुए भावुक अपील करते हुए महुआ अनुमंडल कार्यालय के लिए निकल गईं।
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आपको बता दें कि 2020 के चुनाव में चिराग पासवान ने जदयू के लगभग सभी कैंडिडेट के खिलाफ अपना प्रत्याशी उतारा था और महुआ में भी चिराग पासवान ने संजय सिंह को अपना प्रत्याशी बनाया था। पिछले विधानसभा में संजय सिंह ने लगभग 30000 वोट काटा था, जिसके कारण आशमा परवीन को हार का सामना करना पड़ा था। लेकिन 2025 के चुनाव में गठबंधन में शामिल है चिराग पासवान ने फिर से संजय सिंह को महुआ से उम्मीदवार बनाया है, जिसके कारण आशमा परवीन का टिकट कट गया है और इस वजह से गुस्से में उन्होंने जदयू से इस्तीफा दे दिया और वे इसी सीट से चुनाव लड़ने का ऐलान भी कर दिया है।
(हाजीपुर से राजा बाबू की रिपोर्ट)