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चुनाव न लड़ने के कारण पर प्रशांत किशोर का पहला बयान, कहा- 'अगर मैं चुनाव लड़ता तो...'

 Published : Oct 17, 2025 09:09 pm IST,  Updated : Oct 17, 2025 11:26 pm IST

बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर इंडिया टीवी ने चुनाव मंच का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में शुक्रवार को जनसुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने भी हिस्सा लिया। यहां प्रशांत किशोर ने चुनाव न लड़ने पर भी बयान दिया।

chunav manch prashant kishor- India TV Hindi
चुनाव मंच में प्रशांत किशोर। Image Source : INDIA TV

बिहार में आगामी 6 और 11 नवंबर को विधानसभा चुनाव होने है। इस चुनाव में प्रशांत किशोर की पार्टी जनसुराज भी भाग ले रही है। हालांकि, चुनाव से ठीक पहले पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने चुनाव न लड़ने का फैसला किया है। शुक्रवार को प्रशांत किशोर ने इंडिया टीवी के चुनाव मंच कार्यक्रम में भाग लिया और इस मुद्दे पर विस्तार से बात की है।

प्रशांत किशोर क्यों नहीं लड़ रहे चुनाव?

चुनाव मंच में जनसुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने कहा- "चुनाव न लड़ने के पीछे समय की मर्यादा है। पहली बार दशकों में एक पार्टी स्क्रैच से शुरुआत कर के 243 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। इसमें सैकड़ों लोग लगे हुए हैं। मेरे चुनाव लड़ने न लड़ने पर पार्टी में व्यापक चर्चा हुई। कुल मिलाकर हम लोगों के पास 18 दिन प्रचार के लिए बचे हैं। अगर मैं चुनाव लड़ता तो हमें कम से कम 3 से 4 दिन वहां देना होता। 4 दिन मैं अन्य 30 से 40 विधानसभा क्षेत्रों में नहीं जा पता। ऐसे में पार्टी के वरीय साथियों ने फैसला लिया कि पहले प्राथमिकता ये है कि हर विधानसभा में जहां पहुंचा जा सकता है, वहां पहुंचा जाए। इसलिए मैंने चुनाव न लड़ने का फैसला किया।"

प्रशांत किशोर ने कहा- "हम 243 सीटों पर चुनाव लड़ रहे हैं। किसी भी अन्य दलों में इतनी ताकत नहीं है कि सभी सीटों पर लड़ सके। विपक्षी भी मान रहे हैं कि पहली बार बिहार में मुकाबला त्रिकोणीय हुआ है। हमने तिनका-तिनका जोड़कर पार्टी बनाई। एक सीट मैं जीतकर विधायक बन जाऊं इससे बेहतर है कि जनसुराज का एक-एक प्रत्याशी जीते। अगर जनसुराज के उम्मीदवारों को लगता है कि प्रशांत किशोर के आने से उनकी जीत की संभावना बढ़ जाएगी तो 4 दिन अपना प्रचार करने से बेहतर है कि मैं 30-40 उम्मीदवारों के लिए प्रचार करूं। मेरी इच्छा थी कि चुनाव लड़ूं लेकिन पार्टी के वरिष्ठ साथियों ने कहा कि आपकी जिम्मेदारी है।"

मैं किसी से नहीं डरता- प्रशांत किशोर

प्रशांत किशोर ने कहा कि "मेरे लड़ने के फायदे और नुकसान पर चर्चा हुई उसके बाद मेरे चुनाव न लड़ने का फैसला किया गया। अगर हारने का डर होता को बिहार में इस तरह का प्रयास करने की हिम्मत 25-30 साल से नहीं की गई। मैंने ये अकेले किया। हर कोई जानता है कि बिहार में प्रशांत किशोर किसी से नहीं डरते। और किसी के पास इतना पैसा नहीं कि मेरा इमान खरीद सके। बाकी जो कमी दिखे लोग बोल सकते हैं।"

जनसुराज को कितनी सीटें मिलेंगी?

चुनाव में सीटों के सवाल पर प्रशांत किशोर ने कहा- "तीन साल जो कोशिश की गई उससे लोग ये जान गए कि प्रशांत किशोर सही बात बोल रहे हैं और उन्हें इसकी जरूरत भी है। लेकिन बिहार में इतने समय से जो निराशा रही है, इसके बाद लोग ठिठकते हैं कि ऐसा हो सकता है क्या? इससे निकलकर जाकर वोट करने के लिए भरोसे की जरूरत है। सबसे ज्यादा बिहार में चर्चा जनसुराज की हो रही है। सब जानने के बाद लोग जनसुराज के लिए वोट करे उसके लिए भरोसे की जरूरत है। अगर लोग भरोसा करेंगे तो 150 से ज्यादा सीटें आएंगी। जनसुराज को वोट तो काफी आएगा लेकिन सीट 10 से कम हो सकती हैं। लेकिन अगर वोटर ने भरोसा किया तो 150 से ज्यादा सीटें आएंगी।"

प्रशांत किशोर ने कहा- "बिहार को बिगाड़ने में किसी एक का नहीं बल्कि सभी का हाथ है। तो इसे सुधारने की जिम्मेदारी भी सभी की है। हम बिहार से पलायन बंद करने की रणनीति बना रहे हैं। कोई बिहारी कहकर गाली ना दे इसकी रणनीति बना रहे हैं।"

बीजेपी को पिछले चुनाव से कम सीटें मिलेंगी- प्रशांत किशोर

प्रशांत किशोर ने बिहार की सियासत में लालू प्रसाद यादव के प्रभाव को अहम बताया। उन्होंने कहा, 'बिहार में जीत के लिए लालू जरूरी हैं, न कि नीतीश कुमार। बिहार में लोग लालू के डर या लालू की वजह से वोट देते हैं। लालू एक शख्स नहीं, बल्कि एक फिनॉमिना हैं। नीतीश को वोट सिर्फ इसलिए मिलता है क्योंकि लोग लालू से डरते हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि अगर जन सुराज को सिर्फ 10 सीटें मिलती हैं, तो बीजेपी को पिछले चुनाव से कम सीटें मिलेंगी। आरजेडी 25 से 40 सीटों के बीच सिमट सकती है, क्योंकि इस बार चिराग पासवान की वजह से मिली 30-35 सीटें उसे नहीं मिलेंगी। जेडी-यू को 25 से कम सीटें मिलने का अनुमान है। कांग्रेस को उन्होंने 'पिछलग्गू' पार्टी करार दिया, और कहा कि उसके बारे में कोई नहीं जानता कि वह कितनी सीटों पर लड़ेगी।

अमित शाह पर क्या बोले प्रशांत किशोर?

रैपिड फायर राउंड में प्रशांत किशोर ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बारे में बोलते हुए कहा, 'अमित शाह अपने दल के लिए राजनीतिक तौर पर माहिर नेता हैं, लेकिन उनकी विश्वसनीयता कम है। उन्होंने बिहार में कहा था कि नीतीश के लिए एनडीए के दरवाजे हमेशा के लिए बंद हैं, लेकिन अब वह उनका गुणगान कर रहे हैं। अगर नीतीश पलटू राम हैं, तो अमित शाह भी उतने ही बड़े पलटू राम हैं। वह 180 डिग्री तक पलट जाते हैं।'

राहुल गांधी पर क्या बोले प्रशांत किशोर?

राहुल गांधी के बारे में बात करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा, 'राहुल का प्लस पॉइंट उनका गांधी सरनेम है और यह उनकी बहुत बड़ी ताकत है। उनका माइनस पॉइंट यह है कि उनकी पार्टी का बिहार में कोई अस्तित्व नहीं है। वह आरजेडी के पिछलग्गू हैं।'

नीतीश कुमार पर क्या बोले प्रशांत किशोर?

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर टिप्पणी करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा, 'नीतीश का प्लस पॉइंट यह है कि वह 'पोजिशन ऑफ वीकनेस' से सियासत करते हैं, यानी कि जब वह बिल्कुल कमजोर आपको दिखेंगे तो वह उनकी सबसे बड़ी ताकत है। जैसे अटल बिहारी वाजपेयी या नरसिम्हा राव हैं, ये उस तरह की पॉलिटिक्स करते हैं कि आपको मजबूती दिखेगी नहीं लेकिन वही उनकी ताकत है। उनका माइनस पॉइंट यह है कि उम्र बढ़ने के बावजूद कुर्सी के प्रति उनका मोह कम नहीं हुआ है। वह सारी सियासी और सामाजिक मर्यादाओं को ताक पर रखकर सिर्फ कुर्सी पर बैठे रहना चाहते हैं।'

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