बिहार के जमुई में चार सहेलियों ने चॉकलेट समझकर सड़क पर गिरी सल्फास की एक गोली को तोड़कर आपस में बांटकर खा लिया। शाम में जब चारों बच्चियां घर पहुंची तो अचानक सभी को उल्टी होने लगी और तबियत बिगड़ गई। पूछताछ के बाद परिजनों को घटना की जानकारी हुई और चारों ओर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। फौरन चारों बच्चियों को इलाज के लिए सदर अस्पताल लाया गया, जहां इलाज के दौरान एक बच्ची की गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सक ने प्रारंभिक उपचार के बाद पटना रेफर कर दिया, जबकि तीन बच्चियों का इलाज सदर अस्पताल में ही चल रहा है।
मामला जमुई जिले के खैरा प्रखंड क्षेत्र का है। यहां गम्हरिया गांव में शुक्रवार की दोपहर के बाद चार सहेलियां घांस गढ़ने बहियार की ओर गई थीं। इसी दौरान रास्ते में पड़ी मिली सल्फास की गोली बांटकर खा गईं।
एक ही स्कूल में पढ़ती थीं सभी बच्चियां
मृतका बच्ची गम्हरिया गांव निवासी महेश ठाकुर की 12 वर्षीय पुत्री संजना कुमारी है जो वर्ग 7 की छात्रा है। जबकि सदर अस्पताल में ईलाजरत बच्चियों की पहचान सहदेव ठाकुर की 13 वर्षीय पुत्री भारती कुमारी, सुनील ठाकुर की 12 वर्षीय पुत्री लवली कुमारी और रणधीर कुमार ठाकुर की 11 वर्षीय पुत्री शबनम कुमारी के रूप में हुई है। सभी बच्चियां उत्क्रमित मध्य विद्यालय गम्हरिया की छात्रा है।
स्कूल के बाद बहियार गई थीं छात्राएं
परिजनों ने बताया कि चारों बच्चियों विद्यालय से पढ़ाई करने के बाद घांस गढ़ने के लिए बहियार की ओर गई थीं और बहियार स्थित एक पुल पर बैठी हुई थीं, तभी एक बच्ची की नजर सड़क पर गिरे कागज पर पड़ी, जिसके अंदर कुछ रखा हुआ था। बच्चियों ने कागज खोलकर देखा तो अंदर एक गोली थी, जिसे चॉकलेट समझक चारों ने आपस में बांटकर खा लिया। काफी देर के बाद जब चारों बच्चियों की तबीयत बिगड़ने लगी तो इसकी जानकारी परिवार वालों को हुई। इसके बाद सभी को सदर अस्पताल लाया गया। यहां इलाज के दौरान निजी क्लिनिक में एक बच्ची की मौत हो गई।
डॉक्टर का बयान
सदर अस्पताल के डॉक्टर अमित कुमार ने बताया कि जहरीली पदार्थ खाने की शिकायत पर चार बच्चियों को सदर अस्पताल लाया गया है। एक की गंभीर स्थिति को देखते हुए पटना रेफर किया गया है, तीन बच्चियों का इलाज सदर अस्पताल में चल रहा है। फिलहाल स्थिति सामान्य बनी हुई है।
(जमुई से मोहम्मद अंजुम आलम की रिपोर्ट)
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