Madan Prasad Sah Exclusive Interview: जब से बिहार चुनाव 2025 का रिजल्ट आया है तब से मदन साह के नाम की चर्चा काफी तेज है। ऐसा इसलिए क्योंकि उन्होंने सभी ओपिनियन पोल्स और एग्जिट पोल्स को मात देते हुए चुनाव से पहले ही बता दिया था कि RJD महज 25 सीटों पर सिमट जाएगी। मदन साह की सटीक भविष्यवाणी के बाद INDIA TV की टीम ने उनसे बात की और जाना कि RJD को लेकर उन्होंने इतना सही अनुमान कैसे लगाया था। 2020 के विधानसभा चुनाव में मधुबन विधानसभा सीट से RJD के कैंडिडेट रह चुके मदन प्रसाद साह ने इस टेलीफोनिक इंटरव्यू में ये भी बताया कि क्या सच में उनसे इस बार टिकट के लिए 2 करोड़ 70 लाख रुपये मांगे गए थे? तेजस्वी के राइट हैंड माने जाने वाले और RJD के राज्यसभा सांसद संजय यादव, मदन साह, तेज प्रताप और रोहिणी की आंखों में क्यों चुभते हैं? संजय यादव, RJD में ऐसा क्या करते हैं कि तेज प्रताप उन्हें जयचंद तक बता चुके हैं? इस बातचीत में संजय यादव ने ये भी बताया कि लालू यादव और उनके बेटे तेजस्वी की राजनीति में क्या अंतर है? और बिहार में NDA की बड़ी जीत का क्या कारण है?
सवाल- आपने चुनाव से पहले RJD को 25 सीटों पर सिमटने का श्राप दिया था और बिहार इलेक्शन रिजल्ट में हुआ भी ऐसा ही, अपनी भविष्यवाणी सच होने पर क्या आप खुश हैं?
जवाब- मदन प्रसाद साह ने कहा कि RJD का चुनाव में इतना बुरा हाल हुआ, इसके लिए मैं खुश तो नहीं हूं। 25 सीटों वाली बात मैंने गुस्से में कह दी थी क्योंकि उस वक्त मेरा टिकट काटा गया था। मैं इतने वर्षों से लालू यादव से जुड़ा हुआ हूं और जब पार्टी ने मेरा टिकट काट दिया तो मैं नाराज हो गया था और गुस्से में ये बात कह दी थी।
सवाल- टिकट कटने के बाद आपने एक और आरोप लगाया था कि संजय यादव ने आपसे RJD के टिकट के नाम पर 2 करोड़ 70 लाख रुपये की डिमांड की थी। आप पैसे का इंतजाम नहीं कर पाए थे और इसी वजह से आपको टिकट नहीं मिला था। वो बात भी आपने गुस्से में कही थी या उसपर आप आज भी कायम हैं।
जवाब- मदन प्रसाद साह कहते हैं कि हां, ये बात सही है कि मुझसे रुपये मांगे गए थे लेकिन संजय यादव ने सीधे मुझसे रुपये नहीं मांगे थे। उन्होंने एक माध्यम से मुझसे कहलवाया था कि कितने रुपये दोगे। तब मैंने साफ कह दिया था कि हम लोग जमीन पर उतरकर RJD के लिए काम करते हैं। प्रदर्शन में मैंने अपना सिर तक फुड़वा लिया था। मैं टिकट के पैसे क्यों दूंगा।
सवाल- पहले तेज प्रताप, फिर आपने और अब रोहिणी आचार्य ने, हर कोई संजय यादव पर ही आरोप मढ़ता है। मुझे ये जानना है कि संजय यादव ऐसा क्या करते हैं जिसकी वजह से वह सबकी आंखों में चुभ रहे हैं।
जवाब- मदन प्रसाद साह ने कहा कि तेज प्रताप और रोहिणी का जो लालू फैमिली से अलग होने का मामला है, उसपर मैं कुछ नहीं कहूंगा। ऐसा इसलिए क्योंकि वह उनके घर का मामला है। मैं किसी दूसरे के घर के मामले में नहीं बोलता। वहीं, संजय यादव पर बोलते हुए मदन साह ने दावा किया कि वह तो बाहरी हैं। उन्हें बिहार में RJD और उसके कार्यकर्ताओं के बारे में क्या मालूम। संजय यादव और उनके कुछ लोग, तेजस्वी को घेरे रहते हैं। इनकी वजह से कोई भी कार्यकर्ता, तेजस्वी यादव से मिल नहीं पाता है। सोचिए, कोई कार्यकर्ता कहीं दूर से अपने पैसे खर्च करके आपसे मिलने आ रहा है और फिर उसको ना मिलने दिया जाए तो वह मायूस होता है। तेजस्वी यादव को संजय यादव ने कार्यकर्ताओं से दूर कर दिया। लालू यादव जी जब मुख्यमंत्री थे तब भी उसने जाकर हम लोग सीधे मिल लेते थे। लालू यादव हर कार्यकर्ता की बात सुनते थे लेकिन तेजस्वी ऐसा नहीं करते हैं. अभी तो तेजस्वी की मौजूदगी में संजय यादव अपनी मर्जी से पार्टी चला रहे हैं।
सवाल- रोहिणी आचार्य ने संजय यादव के अलावा रमीज का नाम भी लिया है। ये रमीज कौन हैं और क्या संजय यादव की तरह उनसे भी आपको शिकायत है।
जवाब- मदन प्रसाद साह ने कहा कि रमीज के बारे में तो मैं नहीं जानता हूं। हां एक और नाम है जो कार्यकर्ताओं को तेजस्वी से दूर रखता है, वह है सुनील सिंह। वह भी संजय यादव की तरह पार्टी में मनमानी करते हैं। रमीज कौन हैं, इसके बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं है।
सवाल- आप अपनी आगे की राजनीति कैसे देखते हैं? बिहार चुनाव में RJD की जैसी हालत हुई, ऐसे समय में क्या आप दोबारा पार्टी के पास जाएंगे, तेजस्वी को कुछ समझाने की कोशिश करेंगे या अपना अलग नया रास्ता चुनेंगे।
जवाब- मदन प्रसाद साह के मुताबिक, वह कभी पार्टी से अलग नहीं हुए। हां, ये बात जरूर है कि वह टिकट ना मिलने की वजह से नाराज हुए थे। वह हमेशा से लालू यादव के साथ थे, हैं और आगे भी रहेंगे। वह तेजस्वी यादव से बस इतनी गुजारिश करना चाहते हैं कि आप अपने हाथों में पार्टी की कमान लीजिए। संजय यादव और सुनील सिंह, अगर पार्टी को चलाएंगे तो कार्यकर्ता आपसे नहीं मिल पाएगा। इसकी वजह से आपको पार्टी के बारे में कभी जमीनी रिपोर्ट नहीं मिल पाएगी। लालू परिवार पार्टी चलाए, वही RJD के लिए बेहतर होगा।
सवाल- आपको क्या लगता है कि बिहार चुनाव में NDA की इतनी बड़ी जीत का क्या कारण है? आपकी सीट मधुबन में भी RJD की हार हुई।
जवाब- मदन प्रसाद साह ने कहा कि मधुबन में तो हार होनी ही थी क्योंकि RJD ने सही कार्यकर्ता को टिकट नहीं दिया था। बाकी NDA की जीत का बड़ा कारण ये है कि तेजस्वी की रैलियों में जो भीड़ आ रही थी वो वोट्स में कन्वर्ट नहीं हो पाई। इसी वजह से RJD हार गई।
सवाल- भीड़ के वोट में कन्वर्ट नहीं हो पाने से आपका क्या मतलब है? भीड़ तो थी तेजस्वी की रैलियों तो उसने RJD को वोट क्यों नहीं दिया।
जवाब- मदन प्रसाद साह के मुताबिक, भीड़ का वोट्स में कन्वर्ट ना होने का मतलब है कि जितने लोग सभा में आए, वे पोलिंग बूथ तक नहीं पहुंचे। हमारी पार्टी का कार्यकर्ता, NDA के कार्यकर्ता के मुकाबले कम एक्टिव है। आप देखेंगे RJD का कार्यकर्ता, पार्टी कार्यालय पर ज्यादा भीड़ लगाए रहता है। लेकिन NDA के जो वर्कर्स हैं वे आपको हमेशा ग्राउंड पर दिखते हैं। वह एक-एक वोट पड़वाने का काम करते हैं।
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