बिहार के मोतिहारी जिले के बंजरिया थाना क्षेत्र में बीते 17 सितंबर को शिक्षक शमशाद आलम की हत्या के मामले में पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। ड्यूटी से लौट रहे शिक्षक को रास्ते में घेरकर पंचायत भवन में बंद कर बेरहमी से पीटने और हत्या के बाद शव को वाहन से ले जाकर फेंकने के मामले में मुखिया की गाड़ी के ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया गया है। अनुसंधान के दौरान सिसवा पूर्वी पंचायत के मुखिया की गाड़ी के ड्राइवर जुबैर आलम की संलिप्तता संदिग्ध पाई गई, जिसके बाद पुलिस ने उसे अप्राथमिकी अभियुक्त के रूप में गिरफ्तार कर लिया।
शमशाद हत्याकांड को लेकर बवाल
बंजरिया थाना क्षेत्र के चर्चित शमशाद हत्याकांड को लेकर मोतिहारी जिले में बवाल थमता नजर नहीं आ रहा है। इस सनसनीखेज मामले में लगातार नए और गंभीर मोड़ सामने आ रहे हैं, जिससे स्थानीय प्रशासन पर दबाव बढ़ता जा रहा है। मृतक शमशाद के शव को मोतिहारी शहर स्थित सदर अस्पताल के पास मुख्य सड़क पर रखकर ग्रामीणों ने जमकर हंगामा और प्रदर्शन किया था। राजद के एक शिष्टमंडल ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की और उनकी बात बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष व पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव से व्हाट्सएप वीडियो कॉल के जरिए कराई। इस दौरान तेजस्वी यादव ने पीड़ित परिवार को इस चर्चित हत्याकांड में हरसंभव न्याय दिलाने का भरोसा दिया।
मोहम्मद रफीक आलम ने बिहार विधानसभा अध्यक्ष को सौंपा लिखित आवेदन
शिक्षक शमशाद आलम के पिता मोहम्मद रफीक आलम ने बिहार विधानसभा अध्यक्ष को लिखित आवेदन सौंपा है। इसमें बिहार विधानसभा के 'गैर सरकारी विधेयक एवं संकल्प समिति' के सभापति के मोतिहारी केंद्रीय कारा भ्रमण पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। पिता का आरोप है कि समिति के सभापति ने जेल में बंद हत्याकांड के अभियुक्तों की मदद की है, जिसकी उच्चस्तरीय जांच कराई जानी चाहिए।
पुलिस ने की गिरफ्तारी
बंजरिया थाना क्षेत्र में हुए शिक्षक शमशाद हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। इस मामले में नामजद 9 आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है, जिनमें से 2 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। वहीं, मामले की जांच के दौरान पुलिस ने 2 अप्राथमिकी अभियुक्तों को भी गिरफ्तार किया है। इस प्रकार, शिक्षक हत्याकांड में अब तक कुल 4 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
पूर्वी चंपारण जिले के बंजरिया प्रखंड क्षेत्र में सरकारी स्कूल की परीक्षा नियंत्रण ड्यूटी से घर लौट रहे शिक्षक शमशाद आलम के साथ पुरानी रंजिश को लेकर क्रूरता की सारी हदें पार कर दी गईं। परीक्षा खत्म होने के बाद जब शिक्षक अपने घर लौट रहे थे, तभी सिसवा पूर्वी पंचायत के पास कुछ लोगों ने उन्हें घेर लिया और मारपीट करते हुए जबरन पंचायत भवन ले गए। आरोप है कि राष्ट्रीय सम्मान से सम्मानित मुखिया तान्या प्रवीण के सामने ही कई लोगों ने लाठी-डंडों से पीट-पीटकर उनके हाथ-पैर तोड़ दिए और उन्हें बुरी तरह घायल कर दिया।
पिता ने पुलिसिया कार्रवाई पर उठाए सवाल
मोतिहारी के बंजरिया थाना क्षेत्र में शिक्षक शमशाद आलम की संदिग्ध मौत और हत्या मामले में नया मोड़ आया है। मृतक के पिता मोहम्मद रफीक ने घटना की जो दास्तां बयां की है, उसने पुलिसिया कार्रवाई और आरोपियों की संलिप्तता पर से पर्दा उठा दिया है। घटना के दिन ग्रामीणों से सूचना मिलने पर मोहम्मद रफीक पंचायत भवन पहुंचे, जहां उन्होंने देखा कि पंचायत भवन का दरवाजा अंदर से बंद है और उनके बेटे शमशाद आलम की अंदर पिटाई की जा रही थी। बेटे की चीख-पुकार और दर्दभरी आवाजें सुनकर उन्होंने दरवाजा खुलवाने की पूरी कोशिश की और आसपास के लोगों से मदद की गुहार लगाई, लेकिन किसी ने उनकी मदद नहीं की। कुछ देर बाद पंचायत भवन का दरवाजा खुला और एक थार गाड़ी तेजी से वहां से निकली। जब पिता अंदर गए, तो उनका बेटा वहां नहीं मिला। इसके बाद वे तुरंत बंजरिया थाना पहुंचे और पुलिस से बेटे की जान बचाने की गुहार लगाई। आरोप है कि इसके बाद पुलिस पंचायत भवन पहुंची और वापस थाना लौट गई, साथ ही परिजनों को यह कहकर धमकाया कि "मामला झूठा है, तुम लोगों को ही जेल भेज दिया जाएगा।" घटना के करीब तीन घंटे बाद बंजरिया पुलिस ने परिजनों को सूचना दी कि शिक्षक शमशाद आलम मोतिहारी सदर अस्पताल में हैं। जब परिजन वहां पहुंचे, तो बिना किसी पुलिस सुरक्षा या मौजूदगी के शिक्षक शमशाद आलम का शव वहाँ पड़ा हुआ मिला।
(Report: Arvind Kumar)