Phulwari Bihar Election Results 2025: बिहार की फुलवारी विधानसभा सीट पर जेडीयू के श्याम रजक ने बड़ी जीत दर्ज की है। उन्होंने 32657 वोट से चुनाव जीता। उन्हें कुल 126470 वोट मिले। सीपीआई के गोपाल रवि दास दूसरे नंबर पर रहे। उन्हें 93813 वोट मिले। यहां पर मुख्य मुकाबला जेडीयू और सीपीआई (ML) लिबरेशन के बीच माना जा रहा था। इसके अलावा, यहां से जन सुराज पार्टी के प्रत्याशी भी चुनावी मैदान में थे।
फुलवारी सीट के प्रमुख उम्मीदवारों की बात करें तो यहां जेडीयू के श्याम रजक मैदान में थे। वहीं, सीपीआई (ML) लिबरेशन के उम्मीदवार गोपाल रविदास महागठबंधन की ओर से ताल ठोंक रहे थे, जबकि बिहार विधानसभा चुनाव में पहली बार किस्मत आजमा रही प्रशांत किशोर की नई नवेली पार्टी जन सुराज के टिकट पर शशिकांत प्रसाद चुनाव मैदान में थे।
फुलवारी का मुकाबला इसलिए दिलचस्प था, क्योंकि श्याम रजक इस सीट से 6 बार चुनाव जीत चुके थे, जबकि महागठबंधन की ओर से गोपाल रविदास इस सीट से मौजूदा विधायक थे और उनकी पूरी कोशिश थी कि वे अपनी इस सीट को बरकरार रखें। वहीं, प्रशांत किशोर की पार्टी इस चुनाव को एक दिलचस्प मोड़ देने के लिए आतुर थी।
2020 के चुनाव नतीजे
2020 के विधानसभा चुनाव में यह सीट सीपीआई माले लिबरेशन के खाते में चली गई। सीपीआई माले लिबरेशन के उम्मीदवार गोपाल रविदास ने जेडीयू के सीनियर नेता अरुण मांझी को बड़े अंतर से हरा दिया। गोपाल रविदास को 91,124 वोट मिले, जबकि अरुण मांझी को 77,267 वोट मिले।
2015 चुनाव के परिणाम
2015 के विधानसभा चुनाव में इस सीट से जनता दल यूनाइटेड के टिकट पर श्याम रजक ने जीत हासिल की थी। श्याम रजक को कुल 94,094 वोट हासिल हुए थे। उस वक्त जेडीयू और आरजेडी ने मिलकर चुनाव लड़ा था। एनडीए की ओर से यह सीट हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा को मिली थी। हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के राजेश्वर मांझी को 48,381 वोट मिले थे।
क्यों खास है फुलवारी विधानसभा सीट?
बिहार की फुलवारी विधानसभा सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है, इसलिए यहां दलित मतदाता प्रभावी भूमिका निभाते हैं। पासवान और रविदास जातियों के साथ-साथ यादव और मुस्लिम मतदाताओं की अच्छी खासी संख्या है। यह सीट बिहार की राजधानी पटना के पास स्थित है और पाटलिपुत्र लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। यह सीट दो ब्लॉकों- फुलवारी (फुलवारी शरीफ) और पुनपुन में बंटी है।