1. Hindi News
  2. बिहार
  3. प्रशांत किशोर का 'जन सुराज' आज बनेगा राजनीतिक दल, पटना में होगी लॉन्चिंग

प्रशांत किशोर का 'जन सुराज' आज बनेगा राजनीतिक दल, पटना में होगी लॉन्चिंग

 Published : Oct 02, 2024 11:59 am IST,  Updated : Oct 02, 2024 12:16 pm IST

आज पार्टी के अध्यक्ष, नेतृत्व परिषद और पार्टी के संविधान की घोषणा भी की जाएगी। हालांकि प्रशांत किशोर पहले ही यह घोषणा कर चुके हैं वे न तो इस दल के नेता होंगे और न ही नेतृत्व परिषद में शामिल होंगे।

Prashant Kishor- India TV Hindi
प्रशांत किशोर Image Source : FILE

पटना: राजनीतिक रणनीतिकार से सियासतदां बने प्रशांत किशोर आज अपनी पॉलिटिकल पार्टी जन सुराज को लॉन्च करने जा रहे हैं। पटना के वेटनरी कॉलेज ग्राउंड में प्रशांत किशोर की पार्टी की लॉन्चिंग होनेवाली है। इस दौरान वे पार्टी के कार्यकर्ताओं को संबोधित भी करेंगे। प्रशांत किशोर ने दावा किया है कि 2 अक्तूबर का दिन बिहार की राजनीति के इतिहास का बहुत बड़ा दिन होगा। 

पार्टी के संविधान की होगी घोषणा

आज पार्टी के अध्यक्ष, नेतृत्व परिषद और पार्टी के संविधान की घोषणा भी की जाएगी। हालांकि प्रशांत किशोर पहले ही यह घोषणा कर चुके हैं वे न तो इस दल के नेता होंगे और न ही नेतृत्व परिषद में शामिल होंगे।

तीन मुद्दों पर विधानसभा का चुनाव लड़ने का दावा

प्रशांत किशोर कई सार्वजनिक तौर पर नीतीश कुमार को बिहार की सत्ता से हटाने का संकल्प ले चुके हैं।  उन्होंने यह भी दावा किया कि 2025 का बिहार विधानसभा चुनाव 'तीन एस' यानी 'शराब', 'सर्वे' (भूमि) और 'स्मार्ट मीटर' के मुद्दे पर लड़ा जाएगा। प्रशांत किशोर का कहना है कि ये मुद्दे "मौजूदा शासन के ताबूत में अंतिम कील" साबित होंगे। 

चार रिटायर्ड नौकरशाह चला रहे सरकार

एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होने आरोप लगाया कि किशोर ने आरोप लगाया, "नीतीश कुमार सरकार चार सेवानिवृत्त नौकरशाहों द्वारा चलाई जा रही है। मुख्यमंत्री इन बाबुओं के चंगुल में हैं। न तो कुमार और न ही ये नौकरशाह लोगों की समस्याओं से अवगत हैं। कुमार अब बदल गए हैं। उन्होंने अपनी नैतिकता खो दी है और वह केवल मुख्यमंत्री की कुर्सी को बचाए रखने में रुचि रखते हैं।” 

एक घंटे के भीतर शराबबंदी खत्म 

प्रशांत किशोर ने कहा, “जब हम 2025 के विधानसभा चुनाव के बाद बिहार में सरकार बनाएंगे, तो हम एक घंटे के भीतर शराबबंदी खत्म कर देंगे।” उन्होंने कहा, "शराबबंदी सिर्फ कागजों में है। ज़मीनी हकीकत यह है कि शराब की दुकानों को बंद कर दिया गया है, लेकिन ‘होम डिलीवरी’ धड़ल्ले से चल रही है।” किशोर ने कहा कि जन सुराज शुरू से ही शराबबंदी के खिलाफ रहा है, क्योंकि “राज्य में मौजूदा शराबबंदी कानून 'फर्जी' है। हर साल 20,000 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है। शराब माफिया और अधिकारी अवैध व्यापार से पैसा कमा रहे हैं।”  (इनपुट-भाषा)

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। बिहार से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।