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एरियर भुगतान के रूप में शिक्षिका के खाते में आए 17 लाख 49 हजार रुपए, शिक्षा विभाग कर रहा है जांच

 Published : Oct 28, 2026 01:03 pm IST,  Updated : Oct 28, 2026 01:03 pm IST

गोपालगंज में पंचायत शिक्षिका के खाते में एरियर के रूप में लाखों रुपए ट्रांसफर हुए हैं। शिक्षा विभाग की ओर से इस मामले की जांच की जा रही है। इस पूरे मामले में महिला की नियुक्ति पर भी सवाल उठ रहे हैं।

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गोपालगंज में शिक्षिका के खाते में पहुंचे लाखों Image Source : INDIA TV

बिहार गोपालगंज में एक पंचायत शिक्षिका को एरियर के रूप में 17 लाख 49 हजार 507 रुपये के भुगतान किए जाने का मामला सामने आया है। मांझा प्रखंड के रूपनछाप कुर्मी टोला स्थित नवसृजित प्राथमिक विद्यालय की शिक्षिका खुशबू कुमारी के बैंक खाते में एरियर भुगतान के रूप में इतनी बड़ी रकम ट्रांसफर की गई है। अब लाखों के भुगतान को लेकर सवाल उठने लगे हैं, जिसके बाद शिक्षा विभाग ने जांच शुरू कर दी है और तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की गई है। वहीं शिक्षिका को भुगतान की गई राशि वापस करने के लिए भी पत्र लिखा जा रहा है। 

दरअसल 26 मई को पंचायत शिक्षिका खुशबू कुमारी के बैंक खाते में एरियर के तौर पर 17 लाख 49 हजार 507 रुपये ट्रांसफर किए गए थे। इतनी बड़ी राशि के भुगतान का मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने इसकी जांच पड़ताल शुरू कर दी है। विभाग की स्थापना शाखा ने 13 अक्टूबर को विद्यालय के तत्कालीन प्रभारी प्रधानाध्यापक मनोज कुमार चौधरी को पत्र भेजकर जवाब मांगा था। विभागीय पत्र में कहा गया है कि तत्कालीन प्रभारी प्रधानाध्यापक ने शिक्षिका के योगदान को मंजूरी नहीं दी थी। इसके बावजूद ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर शिक्षिका का फॉर्म भरने और उस पर हस्ताक्षर किए जाने को लेकर सवाल उठे हैं।

शिक्षिका के खाते में 17 लाख से ज्यादा की रकम

शिक्षा विभाग अब यह पता लगाने में जुटा है कि शिक्षिका के योगदान से जुड़ी प्रक्रिया किसके निर्देश पर पूरी की गई और एरियर भुगतान किस आधार पर किया गया। शिक्षिका ने अपने पक्ष में हाईकोर्ट के 12 जनवरी 2026 के आदेश का हवाला दिया था। इस आदेश के अनुपालन को लेकर डीपीओ स्थापना कार्यालय में 21 सितंबर को सुनवाई निर्धारित होने की बात सामने आई है।

शिक्षिका की नियुक्ति को लेकर उठे सवाल

वहीं, विभाग ने शिक्षिका से नियुक्ति से संबंधित सभी मूल दस्तावेज मांगे थे। इन्हें जमा करने के लिए 7 अक्टूबर तक का समय दिया गया था। विभाग के मुताबिक, निर्धारित समय सीमा तक दस्तावेज जमा नहीं किए गए। अब नियुक्ति की प्रक्रिया से लेकर योगदान की स्वीकृति और भुगतान से जुड़े रिकॉर्ड की जांच की जा रही है।

शिक्षा विभाग कर रहा है मामले की जांच

इस मामले में जिला शिक्षा पदाधिकारी अमरेंद्र कुमार पांडेय ने बताया कि इस मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी बनाई गई है। इसमें डीपीओ स्थापना, डीपीओ एसएसए और प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को शामिल किया गया है। डीईओ के मुताबिक, जांच में जो भी दोषी पाए जाएंगे उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। साथ ही शिक्षिका को भुगतान की गई राशि वापस करने के लिए पत्र लिखा जा रहा है।

फिलहाल, शिक्षा विभाग की जांच में कई अहम सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं। शिक्षिका की नियुक्ति किस आधार पर हुई? योगदान की मंजूरी के बिना भुगतान की प्रक्रिया कैसे पूरी हुई? और 17 लाख 49 हजार 507 रुपये की राशि खाते में किस आधार पर ट्रांसफर की गई? इन सभी बिंदुओं की जांच के बाद ही तस्वीर साफ हो सकेगी। 

अयाज अहमद, गोपालगंज

 

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