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ब्रिटेन में लेबर पार्टी से सांसद चुने गए कनिष्क नारायण का क्या है बिहार कनेक्शन, जानिए उनके बारे में

 Edited By: Niraj Kumar
 Published : Jul 06, 2024 06:19 pm IST,  Updated : Jul 06, 2024 06:19 pm IST

कनिष्क नारायण की सफलता पर मुजफ्फरपुर में खुशी का माहौल है। ब्रिटेन में करीब डेढ़ दशक बाद सत्ता में लौटी लेबर पार्टी के सांसद कनिष्क नारायण की जड़ें मुजफ्फरपुर जिले से जुड़ी हुई हैं।

Kanishka Narayan- India TV Hindi
कनिष्क नारायण, सांसद, लेबर पार्टी Image Source : X

मुजफ्फरपुर: ब्रिटेन के आम चुनाव में जहां भारतीय मूल के पहले प्रधानमंत्री ऋषि सुनक को हार का सामना करना पड़ा वहीं 14 साल बाद यहां लेबर पार्टी की धमाकेदार वापसी हुई है। लेबर पार्टी के नेता कियर स्टारमर ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री बन गए हैं। वहीं इस चुनाव में भारतीय मूल के कनिष्क नारायण ने लेबर पार्टी के टिकट पर चुनाव जीता है। 33 साल के कनिष्क नारायण का जन्म बिहार के मुजफ्फरपुर में हुआ था। 

मुजफ्फरपुर स्थित घर पर जश्न का माहौल

बिहार के मुजफ्फरपुर में धरती के लाल कनिष्क नारायण की सफलता पर खुशी का माहौल है। ब्रिटेन में करीब डेढ़ दशक बाद सत्ता में लौटी लेबर पार्टी के सांसद कनिष्क नारायण की जड़ें मुजफ्फरपुर जिले से जुड़ी हुई हैं। मुजफ्फरपुर स्थित श्री कृष्ण विधि महाविद्यालय के निदेशक जयंत कुमार ने कहा, "हमारे आवास में माहौल खुशनुमा है, जहां कई लोगों ने कनिष्क को एक बच्चे के रूप में देखा है।" जयंत कुमार के छोटे भाई संतोष, ‘वेले ऑफ ग्लैमरगन’ का प्रतिनिधित्व करने वाले 33 वर्षीय सांसद नारायण के पिता हैं। नारायण ने ब्रिटिश सिविल सेवाओं में अपना करियर छोड़ने के बाद राजनीति के क्षेत्र में कदम रखा।

तीसरी क्लास तक मुजफ्फरपुर में की पढ़ाई

अपने भतीजे की सफलता से गर्वित चाचा जयंत कुमार ने कहा, "हम वैशाली जिले के गोरौल प्रखंड के एक गांव से हैं। कानून के प्रति जुनून हमारे रगों में है। हमारे दिवंगत पिता कृष्ण कुमार ने यहां विधि महाविद्यालय की स्थापना की थी।" उन्होंने याद किया कि कनिष्क का जन्म मुजफ्फरपुर में हुआ था और उसने तीसरी कक्षा तक स्थानीय स्कूल में पढ़ाई की थी। 

माता-पिता ब्रिटेन में वकालत करते थे

जयंत कुमार ने कहा, "इसके बाद उनके माता-पिता दिल्ली चले गए। जब ​​वह 12 साल के थे, तब वे (वह और उनके माता-पिता) कार्डिफ चले गए । उनके पिता और मां चेतना सिन्हा दोनों ही ब्रिटेन में वकालत करते थे।" उन्होंने कहा, "हमारे देश और ब्रिटेन में रहने वाले प्रवासियों के प्रति लेबर पार्टी के नरम रुख को देखते हुए हम ब्रिटेन और भारत के बीच बेहतर संबंधों की उम्मीद करते हैं।" जयंत कुमार ने कहा कि वह अपने भतीजे से ब्रिटेन के एक सांसद के रूप में मिलने की संभावना से उत्साहित हैं। कनिष्क के चाचा ने कहा, "ब्रिटेन हमेशा से ही मेरे लिए दूसरे घर जैसा रहा है। मैंने अपने छात्र जीवन के चार साल वेल्स में बिताए हैं। मेरी बेटी और दामाद वहीं रहते हैं। "

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