नई दिल्ली: दिल्ली सरकार ने राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण 'NGT' को आश्वस्त किया है कि वजीरपुर में पुराने स्टील को साफ कर सामान बनाने वाले 14 'स्टील पिंकलिंग' उद्योग को बंद करने के लिये कदम उठाये जा रहे हैं। इन इकाइयों का परिचालन बिना मंजूरी किया जा रहा है और ये अनिवार्य प्रदूषण मानकों का पालन नहीं कर रही हैं।
न्यायिक सदस्य पी ज्योतिमणि की अध्यक्षता वाली पीठ ने दिल्ली सरकार की बातों पर गौर किया और मुख्य सचिव के खिलाफ जारी जमानती वारंट को वापस ले लिया।
सरकार ने न्यायाधिकरण ने यह भी कहा कि 14 उद्योगों को नोटिस दिये गये। उन्हें अपना काम बंद करने के लिये समय दिया गया है।
पीठ ने कहा, दिये गये बयान के मद्देनजर दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव के खिलाफ 26 मई 2015 को जारी जमानती वारंट को वापस लिया जाता है....।
इससे पहले, हरित न्यायाधिकरण ने उसके समक्ष अधिकारियों के पेश नहीं होने पर दिल्ली के मुख्य सचिव के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया था।
पीठ गैर-सरकारी संगठन आल इंडिया लोकाधिकारी संगठन की याचिका पर सुनवाई कर रही है। याचिका में उस आदेश की तामील का आदेश देने का अनुरोध किया गया है जिसमें हरित न्यायाधिकरण ने दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति को स्टेनलेस स्टील पिकलिंग उद्योग के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया था।