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दिल्ली में जारी रहेगा CJP का प्रदर्शन, जानें आज क्यों धरी की धरी रह गई उनकी सारी तैयारी

 Reported By: Atul Bhatia,  Written By: Vinay Trivedi
 Published : Oct 10, 2026 09:49 pm IST,  Updated : Oct 10, 2026 11:58 pm IST

10 अक्टूबर, आज वही तारीख है जिसका बार-बार जिक्र किया जा रहा था। सरकार को झुकाने की धमकी दी जा रही थी। सड़क पर उतरकर सत्ता को हिलाने की बातें कही जा रही थीं लेकिन सारी बातें हवा हवाई हो गईं।

Delhi Jantar Mantar Protest- India TV Hindi
10 अक्टूबर को फ्लॉप रहा CJP का प्रदर्शन। Image Source : PTI

10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर आज वैसा कुछ भी नहीं हो पाया जैसा 20 जुलाई को हुआ था। जंतर-मंतर पर CJP के प्रोटेस्ट में एक भी नेता नहीं पहुंच पाया। खुद CJP के लीडर्स वहां तक नहीं पहुंच पाए। ममता बनर्जी अपने भतीजे अभिषेक बनर्जी के घर से निकलीं जरूर, लेकिन वो जंतर-मंतर नहीं पहुंच पाईं। अरविंद केजरीवाल भी जंतर-मंतर तक नहीं पहुंच पाए। राहुल गांधी जंतर-मंतर के लिए निकले ही नहीं। वो दिल्ली से चेन्नई निकल गए और अखिलेश यादव दिल्ली आने की जगह सैफई चले गए। 'वोट चोरी' पर विपक्षी एकता की आज पोल खुल गई। इस बीच, कॉकरोच जनता पार्टी ने ऐलान किया है कि रविवार को भी प्रदर्शन जारी रहेगा। लेकिन सवाल है कि आज ऐसा मुमकिन कैसे हुआ कि कोई बवाल नहीं होने पाया।

दिल्ली में तैनात थे 30 हजार से ज्यादा जवान

दरअसल, जंतर-मंतर का सेकेंड चैप्टर शुरू होने से पहले ही खत्म हो गया। आज दिल्ली पुलिस के 30 हजार से ज्यादा जवान जंतर-मंतर के आसपास तैनात थे। हर रास्ते पर बैरिकेडिंग थी। हर सिचुएशन से निपटने की तैयारी थी। आज जो भी जंतर-मंतर के लिए निकला, बैनर पोस्टर लहराने की कोशिश की, जंतर-मंतर पहुंचने से पहले ही दिल्ली पुलिस ने उसे डिटेन कर लिया। गिनती के चंद लोग जंतर-मंतर पहुंचे भी तो उनके नारों का शोर दिल्ली पुलिस की तैयारियों के आगे सुनाई नहीं दिया।

दोपहर होते-होते सबकुछ ठंडा पड़ गया

जंतर-मंतर के आस पास का पूरा इलाका आज छावनी बना रहा। कनॉट प्लेस हो, रीगल सिनेमा हो, मिंटो ब्रिज हो या आकाशवाणी भवन, जहां प्रोटेस्टर्स ने हंगामा करने की कोशिश की, उन्हें पुलिस उठाकर ले गई। ना अभिजीत दिपके पहुंच पाए, ना ध्रुव राठी को मौका मिला, ना नेहा वोहरा की दाल गली। दिल्ली पुलिस ने आज सिर्फ 30 हजार जवानों की फौज ही नहीं उतारी, बल्कि चप्पे-चप्पे पर सीसीटीवी कैमरे लगाए। दर्जनों ड्रोन्स उड़ाए। सड़कों पर कील लगाई। कॉकरोच जनता पार्टी के जो सपोटर्स इन सबके बाद भी कनॉट प्लेस के आस पास पहुंचे, उन्हें समझ में नहीं आया कि करना क्या है। या तो वो थोड़ी देर में वापस लौट गए या फिर उन्हें पुलिस डिटेन करके ले गई। दोपहर होते-होते सबकुछ ठंडा पड़ चुका था। जितने लोग सड़कों पर बचे थे, उससे ज्यादा दिल्ली पुलिस के 12 डिटेंशन सेटर्स में पड़े थे।

संसद मार्ग टू रफी मार्ग तक थी पूरी तैयारी

जंतर मंतर के आस-पास जिन इलाकों में 20 जुलाई को जबरदस्त हंगामा हुआ था, पत्थरबाजी हुई थी, लाठीचार्ज हुआ था, दोपहर से लेकर देर रात तक बवाल हुआ था, वो सारे इलाके आज सुनसान पड़े थे। दिल्ली पुलिस इस बार बिल्कुल क्लियर थी कि 20 जुलाई रिपीट नहीं होने देगी, इसलिए पूरा लुटियंस जोन आज कड़े पहरेदारी में रहा। कुछ प्रोटेस्टर्स जब जंतर-मंतर नहीं पहुंच पाए, तो संसद मार्ग, रफी मार्ग, अशोक रोड, रायसीना रोड, अकबर रोड, शाहजहां रोड और इंडिया गेट सर्किल की तरफ जमा होने लगे। लेकिन वहां भी दिल्ली पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए तैयार बैठी थी। कुछ ही मिनटों में ये सारे रास्ते खाली करा लिए गए।

खींच-खींचकर पुलिस वैन में ले जाए गए प्रदर्शनकारी

सारे प्लान फेल हुए तो कई प्रोटेस्टर्स ने असली रंग दिखाना शुरू कर दिया। ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे के नाम पर जमा हुए और हिंदुत्व के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। बात सिर्फ नारेबाजी तक नहीं रुकी। पिछली बार की तरह इस बार भी पुलिस के जवानों को निशाना बनाने की कोशिश भी हुई। बाबा खड़ग सिंह मार्ग के पास जैसे ही पुलिस के जवान कम हुए, वहां पत्थरबाजी की खबर आ गई। पूरे दिन प्रोटेस्टर्स जंतर-मंतर जाने की कोशिश करते रहे और पुलिस उनके अरमानों पर पानी फेरती रही। इसलिए शाम होते-होते लोग कनॉट प्लेस पहुंचने लगे। पुलिस ने थोड़ी देर वहां लोगों को इकट्ठा होने दिया। जैसे ही कुछ लोग वहां जमा हुए, नारेबाजी शुरू हो गई। और नारेबाजी शुरू हुई तो दिल्ली पुलिस ने भी अपना काम शुरू कर दिया। खींच-खींचकर उन्हें पुलिस वैन में भरा और अपने साथ ले गई।

फेल हुआ जंतर-मंतर वाला प्लान

आज कॉकरोच जनता पार्टी का जंतर-मंतर वाला प्लान पूरी तरह से फेल रहा और ये इसलिए हुआ क्योंकि दिल्ली पुलिस ने पुख्ता तैयारी की थी। सड़कों पर तो तैनाती थी ही, सर्विलांस रूम भी बनाए गए थे, जहां बैठकर चप्पे-चप्पे की निगरानी चल रही थी। जहां कहीं हलचल दिखती, तुरंत कमांड सेंटर से इसकी जानकारी दी जा रही थी और पुलिस फौरन एक्शन ले रही थी। उधर, दिल्ली में विपक्षी नेताओं की एहतियातन हिरासत में लेने का मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है। इसको लेकर याचिका दायर की गई है, जिसकी सुनवाई रविवार को स्पेशल बेंच करेगी।

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