Highlights
- राहुल गांधी बोले, तमिल भाषा और संस्कृति को हिंदी से कमतर नहीं माना जा सकता।
- राहुल ने दावा किया कि दिल्ली में CJP के प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने बहुत ज्यादती की।
- विजय से मुलाकात में राहुल ने बेरोजगारी, शिक्षा सुधार, NEET विरोध और SIR पर चर्चा की।
चेन्नई: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने तमिलनाडु में हिंदी थोपे जाने के मुद्दे पर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। चेन्नई में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि तमिल भाषा और संस्कृति को हिंदी से कमतर नहीं माना जा सकता। उन्होंने छात्रों से अपनी भाषा, संस्कृति, परंपरा, इतिहास और जमीन से जुड़े रहने की अपील की। राहुल ने कहा कि यही चीजें उनकी जिज्ञासा की नींव हैं और छात्रों को सवाल पूछने से कभी डरना नहीं चाहिए। उन्होंने दिल्ली में CJP के प्रदर्शन के दौरान पुलिस के एक्शन पर भी सवाल उठाए।
तमिलनाडु की शिक्षा व्यवस्था पर राहुल ने क्या कहा?
राहुल गांधी ने तमिलनाडु के स्कूलों और विश्वविद्यालयों की स्थिति को लेकर कुछ आंकड़े भी साझा किए। उनके मुताबिक, राष्ट्रीय शिक्षा नीति यानी कि NEP के मुद्दे पर तमिलनाडु के स्कूलों के 3,300 करोड़ रुपये रोके गए हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि NEET के जरिए MBBS की सीटों में तमिल माध्यम से पढ़ने वाले छात्रों की हिस्सेदारी में 87 प्रतिशत की गिरावट आई है। राहुल गांधी ने कहा कि राज्य के 70 प्रतिशत विश्वविद्यालयों में कुलपति नहीं हैं। इन आंकड़ों के जरिए उन्होंने शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी चुनौतियों और छात्रों पर पड़ने वाले उनके असर की ओर ध्यान दिलाया।
'सवाल पूछना जिज्ञासा की नींव, लोकतंत्र भी इसी से निकलता है'
राहुल गांधी ने छात्रों से कहा कि उन्हें किसी से भी सवाल पूछने से डरना नहीं चाहिए। उन्होंने कहा कि संविधान छात्रों को सवाल पूछने का अधिकार देता है, जबकि उनका वोट यह सुनिश्चित करता है कि वे उन लोगों से जवाब मांग सकें, जो उनका नेतृत्व करते हैं और सरकार चलाते हैं। राहुल ने कहा,
'आप जो भी करेंगे, उसकी शुरुआत आपके पूछे गए किसी सवाल से होगी। इसलिए सवाल पूछना जिज्ञासा की नींव है। सवाल मानव प्रगति के केंद्र में है। सिर्फ इतना ही नहीं, लोकतंत्र भी सवाल पूछने से ही पैदा होता है।'
दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों को राहुल का संदेश
दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के समर्थन में राहुल गांधी ने कहा कि उन्हें चिंता करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने छात्रों से अपनी मान्यताओं और विचारों के लिए डटकर खड़े रहने और सवाल पूछना कभी बंद नहीं करने की अपील की। राहुल ने राष्ट्रीय राजधानी में CJP प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा,
'जैसा कि आपने आज नई दिल्ली में देखा, पूरा शहर बंद कर दिया गया, इंटरनेट बंद कर दिया गया और पुलिस छात्रों को पीट रही थी।'
उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय आई, जब दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे लोगों के खिलाफ पुलिस ने कड़ी कार्रवाई की है।
विजय से मिले राहुल, शिक्षा और बेरोजगारी पर की चर्चा
राहुल गांधी ने इससे पहले तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और TVK अध्यक्ष सी. जोसेफ विजय से मुलाकात की। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, यह मुलाकात चेन्नई के उपनगरीय इलाके नीलंकरई स्थित विजय के आवास पर हुई। दोनों नेताओं ने करीब एक घंटे तक बातचीत की और कई राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा की। मुलाकात के बाद राहुल गांधी और विजय इलाके के एक कैफे ‘बास्क बाय कॉफी’ भी गए। रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों ने वहां कैप्पुचीनो, तिरामिसू, कुकीज और कॉफी ली।
कांग्रेस और TVK के बीच तालमेल पर भी हुई बात
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, राहुल गांधी और विजय के बीच कांग्रेस तथा सत्तारूढ़ TVK सरकार के बीच तालमेल और शासन से जुड़ी नीतियों को बेहतर तरीके से लागू करने पर चर्चा हुई। बातचीत में युवाओं से जुड़े मुद्दों को भी खास जगह दी गई। इनमें बेरोजगारी, शिक्षा सुधार और NEET परीक्षा का स्थानीय स्तर पर हो रहा विरोध शामिल था। दोनों नेताओं ने विशेष गहन पुनरीक्षण यानी कि SIR प्रक्रिया के विरोध और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों के आरोपों पर भी बातचीत की। (PTI से इनपुट्स के साथ)
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