Highlights
- सऊदी अरब की राजधानी रियाद के एयरपोर्ट पर फिर हमला हुआ, जिसके बाद परिसर खाली कराया गया।
- दो दिन पहले हुए हमले में एक पायलट समेत तीन सऊदी नागरिकों की मौत हुई थी।
- ट्रंप ने हमलों पर नाराजगी जताई, लेकिन अमेरिका की सैन्य मदद के तत्काल संकेत नहीं मिले।
रियाद: सऊदी अरब की राजधानी रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट को शनिवार को फिर निशाना बनाया गया। हमले के बाद एयरपोर्ट को खाली कराया गया और एयर ट्रैफिक को रोक दिया गया। 2 क्षेत्रीय अधिकारियों ने यह जानकारी दी। यह हमला ऐसे समय हुआ है, जब 2 दिन पहले एयरपोर्ट पर हुए हमले में एक पायलट समेत 3 सऊदी नागरिकों की मौत हो गई थी। ईरान युद्ध के नए मोर्चे पर सऊदी अरब लगातार हमलों का सामना कर रहा है।
एयरपोर्ट खाली कराया गया, उड़ानों पर रोक
दो क्षेत्रीय अधिकारियों के मुताबिक, शनिवार को हमले के बाद रियाद एयरपोर्ट को खाली कराया गया। इनमें से एक अधिकारी ने बताया कि एयरपोर्ट पर विमानों की आवाजाही रोक दी गई। दोनों अधिकारियों ने अपनी पहचान जाहिर नहीं की, क्योंकि उन्हें मीडिया से बात करने की आधिकारिक अनुमति नहीं थी। एयरपोर्ट प्रशासन ने यात्रियों के लिए एक संक्षिप्त अलर्ट जारी किया। इसमें लोगों से कहा गया कि एयरपोर्ट के लिए निकलने से पहले अपनी संबंधित एयरलाइन से उड़ान की स्थिति की जानकारी जरूर ले लें।
एक हफ्ते में कई बार निशाना बना एयरपोर्ट
सऊदी अरब की राजधानी स्थित किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट को पिछले एक हफ्ते में कई बार निशाना बनाया गया है। यह सिलसिला तब तेज हुआ, जब सऊदी अरब के नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन ने पड़ोसी देश यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के खिलाफ बड़ा सैन्य अभियान शुरू किया। इससे पहले बुधवार को हुए हमले में सूडान के एक नागरिक की मौत हो गई थी। उससे जुड़े हमलों की जिम्मेदारी हूती विद्रोहियों ने ली थी। हालांकि, शनिवार के हमले को लेकर हूती विद्रोहियों की ओर से तत्काल कोई बयान नहीं आया।
रियाद के लोगों ने सुने जोरदार धमाके
रियाद में रहने वाले अहमद सैयद ने बताया कि उन्होंने कम से कम 2 जोरदार धमाकों की आवाज सुनी। धमाकों से राजधानी का इलाका दहल उठा। हालांकि, शुरुआती जानकारी में यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि हमला किस तरह किया गया और इससे कितना नुकसान हुआ। सऊदी अधिकारियों की ओर से भी हमले के बारे में तत्काल विस्तृत जानकारी नहीं दी गई। यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब के समर्थन वाली यमनी सरकारी सेना के बीच लड़ाई तेज हो गई है। सऊदी नेतृत्व वाला गठबंधन सरकारी सेना को हवाई मदद दे रहा है, ताकि लाल सागर के आसपास हूती विद्रोहियों की हालिया बढ़त को रोका जा सके।
हूतियों ने कहा, सिर्फ सऊदी जहाज निशाने पर
हूती विद्रोहियों की नई स्थिति से उन्हें समुद्री जहाजों की आवाजाही पर बेहतर नजर रखने का मौका मिला है। यह समुद्री रास्ता बेहद अहम है, क्योंकि यह होर्मुज जलडमरूमध्य के विकल्प के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है। हूती विद्रोहियों ने कहा है कि वे नाकेबंदी के जवाब में केवल सऊदी जहाजों को निशाना बना रहे हैं। उनके मुताबिक, यह कार्रवाई उनके खिलाफ लगाई गई नाकेबंदी के जवाब में की जा रही है। हालांकि, दूसरे ठिकानों पर भी हमले फैलने की आशंका बनी हुई है। (AP से इनपुट्स के साथ)
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