नई दिल्ली: छोटी कंपनियों को राहत देते हुए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन EPFO ने उन नियोक्ताओं को इस साल सितंबर तक बैंक ड्राफ्ट, बैंकर्स चैक तथा स्थानीय चैक के जरिये भुगतान करने की अनुमति दे दी है जिनका सांविधिक योगदान एक लाख रुपए से कम है।
हालांकि इन नियोक्ताओं को इस साल सितंबर के बाद इंटरनेट बैंकिंग के माध्यम से इलेक्ट्रानिक तरीके से भुगतान करना होगा। EPFO ने बुधवार को अपने आदेश में कहा कि जिन नियोक्ताओं का सांविधिक योगदान एक लाख रुपए से कम है, उनके पास सितंबर तक पूर्व की तरह इसका भुगतान बैंक ड्राफ्ट, बैंकर्स चैक या स्थानीय बैंक के चैक से करने का विकल्प होगा।
श्रम मंत्रालय ने इस साल पांच मई को सांविधिक योगदान इंटरनेट बैंकिंग के जरिए इलेक्ट्रानिक रूप से करने को अनिवार्य कर दिया।