नई दिल्ली: सरकार की भारत पेट्रोलियम कारपोरेशन :बीपीसीएल: की तीन प्रतिशत हिस्सेदारी बिक्री की योजना है। चालू वित्त वर्ष में देश की दूसरी सबसे बड़ी पेट्रोलियम कंपनी में हिस्सेदारी बिक्री से सरकार को 1,800 करोड़ रपये मिलने की उम्मीद है। आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि वित्त मंत्रालय ने सार्वजनिक पेशकश के जरिये बीपीसीएल के 2.16 करोड़ शेयरों की बिक्री के वास्ते अंतरमंत्रालयी विचार विमर्श हेतू कैबिनेट नोट जारी किया है। कंपनी के शेयर के मौजूदा भाव 820 रपये के हिसाब से सरकार को इस बिक्री से 1,778 करोड़ रपये मिलने की उम्मीद है।
फिलहाल बीपीसीएल में सरकार की हिस्सेदारी 54.93 प्रतिशत है। तीन प्रतिशत हिस्सेदारी बिक्री के बाद सरकार की कंपनी में हिस्सेदारी 51 प्रतिशत से अधिक रहेगी। सरकार ने किसी सार्वजनिक क्षेत्र की इकाई में न्यूनतम 51 प्रतिशत रणनीतिक हिस्सेदारी रखने का फैसला किया है।
बीपीसीएल मुंबई व कोच्चि में रिफाइनरियों का परिचालन करती है जिसकी संयुक्त क्षमता 2.15 करोड़ टन की है। इसके अलावा कंपनी की मध्यप्रदेश के बीना में ओमान ऑयल के साथ 60 लाख टन सालाना क्षमता का संयुक्त उद्यम है।