नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक जुलाई को डिजिटल लॉकर सुविधा शुरू करेंगे। इससे नागरिकों को पैन कार्ड, पासपोर्ट, अंक तालिका और डिग्री प्रमाणपत्र जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज डिजिटल तरीके से रखने में मदद मिलेगी।
जारी किए गए प्रेस रिलीज के अनुसार, डिजिटल लॉकर से सरकार द्वारा जारी दस्तावेज तक सुरक्षित पहुंच होगी।
इसका मकसद विभिन्न सरकारी एजेंसियों में भौतिक रूप से दस्तावेज के उपयोग की व्यवस्था को समाप्त करना तथा सत्यापिक इलेक्ट्रानिक दस्तावेजों के साझा करना है। डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के तहत यह कदम उठाया जा रहा है।
जानिए डिजिटल लॉकर से जुड़ी कुछ खास बातें

क्या है डिजिटल लॉकर
डिजिटल लॉकर क्लाउड आधारित एक स्टोरेज स्पेस है जो लोगों के आधार नंबर से जुड़ा होगा। डिजिटल लॉकर से सरकारी विभागों और एजेंसियों में कागजी काम के कारण जो समय लगता है, उसमें कमी आएगी। इससे नागरिकों को भी आसानी से सेवाएं प्राप्त करने में मदद मिलेगी क्योंकि उनके दस्तावेज कहीं भी, किसी भी समय उपलब्ध होंगे और उसे इलेक्ट्रानिक रूप से साझा किया जा सकेगा।
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