मुंबई: भारतीय स्टेट बैंक (SBI) को उम्मीद है कि जनधन योजना के तहत खोले गए खाते अगले साल लाभालाभ (ब्रेक इवन) की स्थिति में आ जाएंगे क्योंकि इन खातों में औसत जमाओं में अच्छी वृद्धि हो रही है। इन खातों में कुल जमाएं जून के आखिर में बढ़कर 5,125 करोड़ रुपए हो गई।
SBI के प्रबंध निदेशक बी श्रीराम ने कहा, हमें जन धन खातों के अगले साल तक लाभालाभ की स्थिति में आ जाएंगे बशर्ते हम जमाओं में वृद्धि की दर को मौजूदा स्तर पर या इससे थोड़ा कम भी बनाए रख पाते हैं। हमने इस तरह के हर खाते पर 132 रुपए खर्च किए हैं।
उन्होंने कहा कि इस तरह के खातों की संख्या जून के आखिर में लगभग दोगुनी होकर 7.81 करोड़ हो गई जिसमें से 3.95 करोड़ खाते जन धन से पहले के हैं। जून 2014 में इस तरह के खातों की संख्या 3.76 करोड़ रही थी।
श्रीराम ने कहा कि 7.81 करोड़ खातों में से 56 प्रतिशत में अब भी शून्य बैलेंस है जबकि एक साल पहले 69 प्रतिशत और मार्च तिमाही में 54 प्रतिशत खातों में कोई बैलेंस नहीं था। यानी वे शून्य बैलेंस थे। इन खातों में औसत बैलेंस या जमा 656 रुपए है जो कि एक साल पहले 606 रुपए था।
जनधन योजना के साथ शुरू की गई सामाजिक सुरक्षा योजनाओं, जिनका नामांकन SBI ने भी किया है, के बारे में उन्होंने कहा कि SBI ने जीवन बीमा योजना के तहत 33.15 लाख जबकि पेंशन योजना के तहत 1.45 लाख लोगों को जोड़ा है।