12वीं क्लास में असफल होने के बाद उन्होंने इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट से इलेक्ट्रॉनिक्स में डिप्लोमा किया। 1989 में पिता की दुकान वापस लेकर उसे मॉडर्न तरीके से चलाया। और खूब पैसे कमाए और एक मारुति वैन खरीद ली। हालांकि कार खुद नहीं चला पाते थे, इसलिए उन्होंने कार को किराए पर देना शुरू कर दिया। फिर 2004 में उन्होंने अपनी कंपनी रमेश टूर एंड ट्रेवल्स की शुरुआत की।
आज रमेश बाबू के पास 256 कारों का काफिला है। और 60 से भी ज्यादा ड्राइवर हैं। 9 मर्सडीज, 6 बीएमडब्ल्यू, एक जगुआर, तीन ऑडी कारें भी है और रॉल्स रॉयस जैसी महंगी कारें चलाकर लोगो से एक दिन का किराया 50,000 रुपए तक वसूलते है। इन सब काम के बाद आज भी उन्होंने अपना पुश्तैनी काम नहीं छोड़ा। वह आज भी अपने पिता के सैलून इनर स्पेस को चला रहे हैं, जिसमें वो हर दिन 2 घंटे ग्राहकों के बाल काटते हैं।
अगली स्लाइड में जानिए कौन-कौन बॉलीवुड सेलेब्रिटी इनकी क्लाइंट