रमेश बाबू अपनी दोनों बेटियों और एक बेटे को बतौर टीचर कटिंग टिप्स देते हैं। रमेश बाबू का कहना है कि यह एक तरह की जॉब है, जिसमें प्रोफेशनल होना जरूरी है। वो उन्हें अपने साथ सैलून भी ले जाते हैं, लेकिन अभी छोटी उम्र होने के कारण उन्हें वहां काम नहीं करने देते।
साथ ही अब रमेश बाबू अपने सैलून और टैक्सी सर्विस को विजयवाड़ा में शुरू करने की प्लानिंग कर रहे हैं। उनका मानना है कि हैदराबाद जैसे बड़े शहरों में बिजनेस की सफलता के लिए काफी वक्त लगता है, लेकिन छोटे शहरों में आपके पास कई विकल्प होते हैं।