Highlights
- छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर बनवाने के नाम पर ठगी का आरोप लगा।
- दो ठेकेदारों पर नौ बैगा आदिवासी लाभार्थियों से कुल 5.09 लाख रुपये लेने का आरोप है।
- डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने कहा कि गड़बड़ी और धोखाधड़ी करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।
रायपुर: छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में सरकारी आवास योजना के नाम पर आदिवासी परिवारों से कथित ठगी का मामला सामने आया है। यहां 2 ठेकेदारों पर बैगा जनजाति के 9 लाभार्थियों से कुल 5.09 लाख रुपये लेने के बावजूद उनके घर नहीं बनाने का आरोप है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। बैगा समुदाय विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह यानी कि PVTG में शामिल है। पीड़ितों की शिकायत के बाद पुलिस ने दोनों मामलों में कार्रवाई शुरू कर दी है।
18 महीने पहले लिए पैसे, घर बनाने का काम अधूरा
अधिकारियों के मुताबिक, लाभार्थियों ने पुलिस को बताया कि ठेकेदारों ने करीब 18 महीने पहले घर बनाने के लिए उनसे पैसे लिए थे। लेकिन इसके बाद निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया या उसे बीच में ही छोड़ दिया गया। इस मामले का खुलासा तब हुआ, जब परेशान लाभार्थियों ने पुलिस से शिकायत की। इसी सप्ताह चिल्फी और तरेगांव जंगल थानों में अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गईं।
5 लाभार्थियों से 3.20 लाख रुपये लेने का आरोप
चिल्फी पुलिस थाने में दर्ज मामले के अनुसार, ठेकेदार कुमार मेरावी पर बोडला विकासखंड की राजाधार ग्राम पंचायत के 5 लाभार्थियों से कुल 3.20 लाख रुपये लेने का आरोप है। शिकायत के मुताबिक, पैसे लेने के बावजूद ठेकेदार ने डेढ़ साल तक घर बनाने का कोई काम नहीं किया। इससे योजना के तहत घर मिलने की उम्मीद लगाए बैठे परिवारों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
दूसरे मामले में 4 परिवारों से ठगी की शिकायत
दूसरे मामले में ठेकेदार तुमेश गोड़ पर जिले की अमनारा ग्राम पंचायत के 4 लाभार्थियों से पैसे लेने के बावजूद उनके घर नहीं बनाने का आरोप है। इस मामले में भी पुलिस ने शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज की है। दोनों मामलों को मिलाकर 9 लाभार्थियों से 5.09 लाख रुपये की कथित ठगी का मामला सामने आया है।
'गड़बड़ी और धोखाधड़ी बर्दाश्त नहीं होगी'
छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजनाओं के तहत किसी भी तरह की गड़बड़ी, लापरवाही और धोखाधड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जनमन योजना) के तहत विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (PVTG) से जुड़े परिवारों को घर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। (PTI से इनपुट्स के साथ)
ये भी पढ़ें: छत्तीसगढ़ में रातों-रात चोरी हो गया 40 साल पुराना लोहे का पुल, कबाड़ में बेच दिया; पांच गिरफ्तार