बीजापुर: छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में नक्सलियों ने 38 वर्षीय एक व्यक्ति को उसके घर से घसीटकर कथित तौर पर इस संदेह में मार डाला कि वह पुलिस का मुखबिर है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि यह घटना मंगलवार-बुधवार की दरम्यानी रात को उसूर थाना क्षेत्र के पेरमपल्ली गांव में हुई, जब पीड़ित कवासी हुंगा अपने घर पर था। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, वर्दी पहने पांच माओवादी हुंगा के घर में घुसे और उसे घसीटकर बाहर ले गए। इसके बाद उन्होंने उस पर पुलिस का मुखबिर होने का आरोप लगाया और धारदार हथियार से उसकी हत्या कर दी।
नक्सलियों की तलाश जारी
अधिकारी ने बताया कि बुधवार सुबह हत्या की सूचना मिलने पर पुलिस की एक टीम मौके पर भेजी गई और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। उन्होंने बताया कि हमलावरों का पता लगाने के लिए इलाके में तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया है। इस घटना के साथ ही इस साल अब तक बीजापुर समेत सात जिलों वाले बस्तर क्षेत्र में माओवादी हिंसा में 23 लोगों की जान जा चुकी है।
21 जून को बीजापुर के पामेड़ थाना क्षेत्र में नक्सलियों ने दो ग्रामीणों की हत्या कर दी थी। 17 जून को जिले के पेद्दाकोरमा गांव में 13 वर्षीय एक लड़के समेत तीन ग्रामीणों की रस्सी से गला घोंटकर हत्या कर दी गई थी। इन तीन मृतकों में से दो वरिष्ठ माओवादी कैडर दिनेश मोडियाम के रिश्तेदार थे, जिन्होंने इस साल मार्च में पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया था।
आईईडी विस्फोट होने से ग्रामीण की मौत
छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में नक्सलियों द्वारा लगाए गए आईईडी में विस्फोट होने से 32 वर्षीय एक ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस अधिकारी ने बताया कि यह घटना मंगलवार शाम को हुई, जब पीड़ित की पहचान मद्देड़ पुलिस थाने के अंतर्गत मोटलागुड़ा गांव निवासी विशाल गोटे हेमला के रूप में हुई। वह मशरूम वनोपज इकट्ठा करने के लिए पेगडापल्ली गांव के पास के जंगल में गया था। उस व्यक्ति ने अनजाने में प्रेशर आईईडी पर पैर रख दिया, जिससे विस्फोट हो गया।
इनपुट- पीटीआई