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बैलों के साथ खेत में उतरे मुख्यमंत्री साय, हल की मूठ थामकर की बियासी

 Written By: Malaika Imam
 Published : Aug 17, 2026 06:45 pm IST,  Updated : Aug 17, 2026 07:47 pm IST

सीएम विष्णु देव साय ने अपने गृहग्राम बगिया में खेत पहुंचकर बैलों की जोड़ी के साथ हल चलाते हुए पारंपरिक रूप से बियासी की। किसान परिवार से जुड़े मुख्यमंत्री ने खेती को केवल आजीविका नहीं, बल्कि जीवन का संस्कार बताया।

खेत में उतरे मुख्यमंत्री साय- India TV Hindi
खेत में उतरे मुख्यमंत्री साय Image Source : REPORTER INPUT

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का अपनी माटी और खेती-किसानी से गहरा जुड़ाव आज एक बार फिर देखने को मिला। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सोमवार सुबह जशपुर जिले के अपने गृहग्राम बगिया में खेत पहुंचे और पारंपरिक रूप से बैलों की जोड़ी के साथ हल चलाकर बियासी की। खेत में उतरकर हल की मूठ थामे मुख्यमंत्री साय सहज ही एक किसान की भूमिका में नजर आए। इस दौरान उन्होंने खेती-किसानी से जुड़ी अपनी पुरानी स्मृतियों को भी साझा किया।

मुख्यमंत्री साय ने हरे-भरे खेत में मिट्टी की सौंधी सुगंध और बैलों के साथ खेती करते हुए कहा कि अपने गांव, अपनी माटी और अपने खेत से जुड़ाव का सुख ही अलग है। हल की मूठ थामते ही खेती-किसानी से जुड़ी पुरानी स्मृतियां एक बार फिर जीवंत हो उठती हैं। खेतों के बीच बिताया समय मन को असीम सुकून देने के साथ नई ऊर्जा से भर देता है।

किसान परिवार में जन्मे, खेती को बताया जीवन का संस्कार

सीएम साय ने कहा कि वे स्वयं किसान परिवार से आते हैं और बचपन से खेती-किसानी को बहुत करीब से देखा और अनुभव किया है। खेती उनके लिए केवल आजीविका का माध्यम नहीं, बल्कि जीवन का संस्कार है। गांव और खेतों ने ही उन्हें श्रम का सम्मान करना, प्रकृति के साथ सामंजस्य बनाकर चलना और अपनी जड़ों से जुड़े रहना सिखाया है।

माटी और किसानों से जुड़ी है छत्तीसगढ़ की पहचान

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान यहां की माटी, मेहनतकश किसानों और समृद्ध कृषि परंपराओं से जुड़ी हुई है। प्रदेश की अर्थव्यवस्था और सामाजिक-सांस्कृतिक जीवन में खेती का महत्वपूर्ण स्थान है। पीढ़ियों से हमारे किसान अपने परिश्रम से धरती को सींचते हुए प्रदेश की समृद्धि की नींव मजबूत करते आए हैं। छत्तीसगढ़ के तीज-त्योहार, परंपराएं और ग्रामीण जीवन भी कृषि से गहराई से जुड़े हुए हैं।

बगिया के खेत में दिखें मुख्यमंत्री साय
Image Source : REPORTER INPUTबगिया के खेत में दिखें मुख्यमंत्री साय

आधुनिकता के दौर में जड़ों से जुड़े रहना जरूरी

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आधुनिकता के इस दौर में भी अपनी परंपराओं और जड़ों से जुड़ाव बनाए रखना महत्वपूर्ण है। खेती हमें परिश्रम, धैर्य और प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता का संदेश देती है। किसान खेत में केवल फसल नहीं उगाता, बल्कि अपने श्रम से पूरे समाज के जीवन और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी संबल देता है।

किसानों की खुशहाली ही प्रदेश की समृद्धि का आधार

सीएम ने कहा कि छत्तीसगढ़ की माटी, हमारी समृद्ध कृषि परंपरा और हमारे मेहनतकश अन्नदाता किसान सदैव उनके हृदय के सबसे करीब हैं। किसानों की खुशहाली और कृषि की समृद्धि ही प्रदेश की समृद्धि का मजबूत आधार है। उन्होंने प्रदेश के अन्नदाता किसानों के परिश्रम को नमन करते हुए उनके जीवन में खुशहाली और खेतों में भरपूर फसल की कामना की।

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