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कोरिया में रेत खनन को लेकर हिंसक झड़प, 3 लोग जिंदा जले, 2 की हालत गंभीर

 Edited By: Shakti Singh
 Published : Jun 18, 2026 01:39 pm IST,  Updated : Jun 18, 2026 01:39 pm IST

आरोप है कि हमलावरों ने फॉर्च्यूनर कार को कई बार टक्कर मारी। इससे उसके दरवाजे खुलने बंद हो गए और कार में आग लगा दी। लोगों ने कांच तोड़कर बाहर निकलने की कोशिश की तो उन पर हमला किया गया। एक व्यक्ति की कार में मौत हो गई, जबकि दो लोगों ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

Car Accident- India TV Hindi
कार के अंदर जिंदा जले तीन लोग Image Source : REPORTER INPUT

छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के नौगई गांव में रेत उत्खनन को लेकर शुरू हुआ विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। दो पक्षों के बीच हुई हिंसक झड़प में तीन लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई। वहीं, दो लोगों की हालत गंभीर है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह घटना मंगलवार रात जिले की सोनहत तहसील के कटगोड़ी गांव में हुई। जानकारी के मुताबिक कोरिया जिले के नौगई क्षेत्र में रेत उत्खनन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। इसी विवाद के बीच दो पक्ष आमने-सामने आ गए और देखते ही देखते कहासुनी हिंसक संघर्ष में बदल गई। आरोप है कि एक पक्ष ने दूसरे पक्ष पर हमला कर दिया, जिसके बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

पुलिस ने बताया कि कुछ लोग टोयोटा फॉर्च्यूनर एसयूवी और एक स्कोडा सेडान में सवार होकर जा रहे थे, तभी विरोधी गुट के सदस्यों ने कथित तौर पर उन पर हमला कर दिया। हमलावरों ने फॉर्च्यूनर को एक टिपर ट्रक से कई बार टक्कर मारी, जिससे वाहन क्षतिग्रस्त हो गया और उसके दरवाजे जाम हो गए। इसके कारण उसमें सवार लोग बाहर नहीं निकल सके। बाद में एसयूवी में आग लग गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने दावा किया कि जो लोग वाहन की खिड़कियां तोड़कर बाहर निकलने की कोशिश कर रहे थे, उन पर भी हमलावरों ने हमला किया।

हमले में तीन लोगों की मौत

वाहन में सवार लोगों में से एक भरत सिंह (60) जिंदा जल गए, जबकि फॉर्च्यूनर में सवार दो अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए। अधिकारियों ने बताया कि हमलावरों ने स्कोडा कार को भी निशाना बनाया और उसमें सवार दो लोगों को गंभीर रूप से घायल कर दिया। उन्होंने बताया कि सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में किया। घायलों को पहले बैकुंठपुर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया और बाद में बेहतर इलाज के लिए अंबिकापुर के अस्पताल भेज दिया गया। सेडान कार में सवार वीरेंद्र प्रताप सिंह (32) को धारदार हथियार से हमले में गंभीर चोटें आई थीं, जिनकी अंबिकापुर अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। फॉर्च्यूनर में सवार एक अन्य व्यक्ति, नागेंद्र सिंह (53) लगभग 80 प्रतिशत जल गए थे। उनकी इलाज के लिए रायपुर ले जाते समय मौत हो गई। दो अन्य घायलों को रायपुर भेज दिया गया है। 

रेत खनन से जुड़े पारिवारिक विवाद में हिंसा

इस मामले में चार आरोपियों (अक्षत त्रिपाठी, विशाल त्रिपाठी, सत्यप्रकाश त्रिपाठी, मन्नू त्रिपाठी) को गिरफ्तार किया गया है, जबकि तीन अन्य आरोपियों को पकड़ने की कोशिशें जारी हैं। अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह हिंसा रेत खनन के कारोबार को लेकर सिंह और त्रिपाठी परिवारों के बीच लंबे समय से जारी रंजिश का नतीजा है। दोनों परिवार मूल रूप से कटगोड़ी से सटे नगोई गांव के निवासी हैं। सिंह परिवार वर्तमान में बैकुंठपुर में रहता है, लेकिन वह कटगोड़ी में रेत खनन और पत्थर तोड़ने का कारोबार करता है।

फोन पर बातचीत के बाद हुआ विवाद

रात में फोन पर बातचीत के बाद भरत सिंह और उनके साथी कथित तौर पर विरोधी गुट के सदस्यों से मिलने गए थे, जिसके बाद टकराव हिंसक हो गया। आरोप है कि हमलावरों ने फॉर्च्यूनर पर पेट्रोल छिड़ककर उसमें आग लगा दी। हालांकि, इसकी अभी पुष्टि नहीं हुई है, क्योंकि हमले के दौरान वाहन एक बिजली के खंभे से भी टकराया था। उन्होंने बताया कि फॉरेंसिक विशेषज्ञ इस बात की जांच कर रहे हैं कि वाहन में आग पेट्रोल डालकर जानबूझकर लगाई गई थी या बिजली के खंभे से टकराने के कारण लगी। अधिकारियों ने बताया कि अब तक त्रिपाठी परिवार के चार आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं और मामले की जांच की जा रही है। 

सीबीआई जांच की मांग

क्षत्रिय समुदाय और दूसरे समुदायों के लोगों ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें सीबीआई से जांच की मांग की गई। क्षत्रिय समुदाय के एक प्रतिनिधि राजेंद्र सिंह ने आरोप लगाया, ''यह पूर्वनियोजित हत्या की साजिश थी। हमारे रिश्तेदारों को समझौते के बहाने बुलाया गया और फिर उन पर हमला किया गया। कहा जा रहा है कि करीब 25 से 30 लोगों ने हमला किया। अपने 65 साल के जीवन में मैंने छत्तीसगढ़ में इतना भयानक अपराध कभी नहीं देखा।" उन्होंने दावा किया कि गाड़ी में तेल डालने के बाद भरत सिंह जिंदा जल गए और आरोप लगाया कि आग की लपटों में घिरे नागेंद्र सिंह जब भागने की कोशिश कर रहे थे, तब उन पर भी हमला किया गया।

किसी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा- साय

रायपुर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि पुलिस घटना की जांच कर रही है और कुछ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि इसमें शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने इस घटना को दिल दहला देने वाला बताया और आरोप लगाया कि पीड़ित और आरोपी दोनों ही सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी से जुड़े हुए हैं। बैज ने आरोप लगाया, "छत्तीसगढ़ में रेत माफिया सरकारी सरपरस्ती में काम कर रहे हैं। भाजपा नेताओं के संरक्षण में अवैध रेत खनन की जा रही है। भरत सिंह भाजपा नेता थे और हमले के आरोपी भी भाजपा से जुड़े हुए हैं। भाजपा नेता अवैध खनन को लेकर एक-दूसरे के दुश्मन बन गए हैं।"

(इनपुट- सिकंदर खान)

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