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फ्लाइट में बम होने की अफवाह फैलाने वाला निकला IB अफसर, जांच पर उठे सवाल

 Published : Dec 10, 2024 02:47 pm IST,  Updated : Dec 10, 2024 02:47 pm IST

14 नवंबर को अनिमेष मंडल नामक व्यक्ति ने चालक दल को फ्लाइट में 'बम' होने की जानकारी दी थी जिसके बाद उसे छत्तीसगढ़ के रायपुर एयरपोर्ट पर आपात स्थिति में उतारा गया था। फ्लाइट में 187 यात्री सवार थे। विमान की जांच के बाद बम की धमकी झूठी निकली, जिसके बाद अनिमेष को गलत सूचना देने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया।

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इंडिगो फ्लाइट Image Source : PTI

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पिछले महीने नागपुर से कोलकाता जाने वाली इंडिगो की उड़ान में बम होने की अफवाह फैलाने के आरोप में गिरफ्तार किए गए व्यक्ति की पहचान खुफिया ब्यूरो (IB) के एक अधिकारी के रूप में हुई है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 14 नवंबर को अनिमेष मंडल नामक व्यक्ति ने चालक दल को विमान में 'बम' होने की जानकारी दी थी जिसके बाद उसे (विमान को) छत्तीसगढ़ के रायपुर एयरपोर्ट पर आपात स्थिति में उतारा गया था। विमान में 187 यात्री सवार थे।

जांच के बाद बम की धमकी झूठी निकली

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि विमान की जांच के बाद बम की धमकी झूठी निकली, जिसके बाद मंडल को गलत सूचना देने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया। मंडल के वकील फैजल रिजवी ने बताया कि उनके मुवक्किल ‘आईबी’ में डीएसपी रैंक के अधिकारी हैं, जो नागपुर में तैनात हैं तथा वह निर्दोष हैं। रिजवी का कहना था कि वह सूचना साझा करने का अपना काम कर रहे थे। हालांकि, पुलिस ने कहा है कि स्थानीय पुलिस और आईबी की संयुक्त दल ने मंडल से पूछताछ की थी और उनके द्वारा साझा की गई जानकारी फर्जी पाये जाने के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

क्या था मामला?

रिजवी ने कहा कि 14 नवंबर को विमान में सवार होने के बाद मंडल को अपने स्रोत से बम के बारे में जानकारी मिली, जिसे उन्होंने विमान के चालक दल के सदस्यों को बताया। उन्होंने सवाल किया कि जब मंडल को गिरफ्तार किया गया तो पुलिस ने यह क्यों नहीं बताया कि वह आईबी का अधिकारी हैं। रायपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह ने कहा कि पुलिस ने उसी दिन आईबी को सूचित कर दिया था तथा आईबी और पुलिस द्वारा संयुक्त पूछताछ के बाद मंडल को गिरफ्तार कर लिया गया। सिंह ने कहा, "मंडल ने खुद को आईबी का अधिकारी बताते हुए चालक दल के सदस्यों को विमान में बम के बारे में बताया था। विमान के उतरने के बाद विमान की जांच की गई और कुछ नहीं मिला। पुलिस ने आईबी अधिकारियों को घटनाक्रम की जानकारी दी, जिसके बाद वे पहुंचे तथा मंडल से आईबी और पुलिस ने संयुक्त रूप से पूछताछ की। पूछताछ के दौरान मंडल की जानकारी फर्जी पाई गई। इसलिए उन्हें कानून के अनुसार गिरफ्तार कर लिया गया।"

छत्तीसगढ़ में मामले की अब तक सुनवाई नहीं

उन्होंने कहा कि मंडल ने यात्रियों और चालक दल के सदस्यों की जान को खतरे में डालकर दहशत फैलाई। पुलिस अधिकारी ने बताया कि मंडल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 351 (4) और ‘नागरिक विमानन सुरक्षा के विरुद्ध गैरकानूनी कृत्यों का दमन’ अधिनियम, 1982 के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है। उनके अनुसार ऐसे मामलों की सुनवाई के लिए संबंधित अदालत की आवश्यकता होती है, जो छत्तीसगढ़ में नहीं है। आरोपी के वकील ने कहा कि उनके मुवक्किल उच्च न्यायालय का रुख करेंगे, जिसके पास ऐसे मामलों की सुनवाई करने का अंतर्निहित अधिकार है। उन्होंने कहा कि वे जमानत और मामले को स्थानांतरित करने की मांग करेंगे। (भाषा इनपुट्स के साथ)

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