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3 साल की बच्ची को अगवा कर बोरे में बंद करके झाड़ियों में फेंका, मोबाइल में दुष्कर्म करने के तरीके सीखता था आरोपी

 Edited By: Mangal Yadav @MangalyYadav
 Published : Apr 02, 2026 01:22 pm IST,  Updated : Apr 02, 2026 01:50 pm IST

कन्नौज में बच्ची का अपहरण करने वाले आरोपी की पुलिस से मुठभेड़ हुई है। फायरिंग में आरोपी अकील घायल हो गया है। आरोपी को अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।

पहली तस्वीर में आरोपी। दूसरे तस्वीर में जांच करती पुलिस- India TV Hindi
पहली तस्वीर में आरोपी। दूसरे तस्वीर में जांच करती पुलिस Image Source : REPORTER

कन्नौजः यूपी के कन्नौज में तीन साल की बच्ची का अपहरण करने वाला पुलिस एनकाउंटर में घायल हो गया है। मामला गुरसहायगंज कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत डुंडवाबुजुर्ग गांव का है। जानकारी के मुताबिक, गांव के ही युवक ने दरिंदगी के इरादे से बच्ची का घर के बाहर से अपहरण किया था। पुलिस ने दबिश देना शुरू किया तो पकड़े जाने के डर से बच्ची को बोरे में बंद कर झाड़ियों में फेंक आया था। पुलिस ने बताया कि आरोपी मोबाइल में बच्चियों से दुष्कर्म करने के तरीके सीखता था। आरोपी की मोबाइल हिस्ट्री में पुलिस को बच्चियों से दुष्कर्म के तरीके सीखने के वीडियो भी मिले हैं। 

 घर के बाहर खेल रही बच्ची को किया था अगवा

दरअसल, कन्नौज के गुरसहायगंज कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत डुंडवाबुजुर्ग गांव में मंगलवार शाम घर के बाहर खेल रही तीन वर्षीय बच्ची संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गयी थी। पुलिस ने इस मामले में गुमशुदगी दर्ज कर बच्ची की तलाश शुरू कर दी थी। बुधवार सुबह बच्ची सही सलामत बोरे में बंद मिली थी। पुलिस ने मामले में गहनता से पड़ताल शुरू की तो गांव के ही अकील पर शक गया। क्योंकि वह बच्ची के गायब होने के बाद से ही किसी को नहीं दिखा था। 

भागने की फिराक में था आरोपी

आरोपी अकील शादीशुदा था और एक साल पहले उसकी पत्नी की मौत हो चुकी है। मुखबिरों को अकील की खोजबीन में लगा पुलिस खुद भी उसे तलाश करने लगी। गुरुवार सुबह मुखबिर ने गुरसहायगंज कोतवाल अजय अवस्थी को बताया कि अकील बाईपास पर है और भागने की फिराक में है। सूचना मिलते ही एसओजी और कोतवाली पुलिस ने बाईपास पर घेरेबंदी कर वहां बस के इंतजार में छिपे खड़े अकील को सरेंडर करने के लिये कहा, लेकिन उसने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दिया। 

जवाबी कार्रवाई में घायल हुआ आरोपी

पुलिस ने पोजीशन लेते हुये जवाबी फायर किया तो एक गोली उसके पैर में जा लगी। गोली लगने से घायल हुये अकील को पुलिस ने हिरासत में लेकर अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में पुलिस के सामने हाथ जोड़कर वह गिड़गिड़ाने लगा और जान बख्शने के दुहाई दे अपना पूरा जुर्म कबूल कर लिया। एसपी विनोद कुमार ने बताया की पुलिस रात से ही ऐक्टिव न होती तो शायद वह बच्ची के साथ हैवानियत करने में कामयाब हो जाता। उनका ऑफ ड रिकॉर्ड कहना है जिस तरह के वीडियो अकील के मोबाइल में मिले हैं वह बच्ची के लिये उसकी गन्दी मानसिकता को दर्शाते हैं। 

रिपोर्ट- सुरजीत

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