ओडिशा के कोरापुट शहर के ओएमपी कॉलोनी से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक आईआरबी के जवान ने अपनी ही पत्नी की हत्या कर दी और फिर उसे आग लगाकर हादसा दिखाने की कोशिश की। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
आईआरबी में जवान के पद पर तैनात था आरोपी
गिरफ्तार आरोपी का नाम शिव शंकर पात्रा है, जो आईआरबी में जवान के पद पर तैनात था। उसकी पत्नी का नाम प्रियंका पंडा था, जिसकी आधा जला हुआ शव इसी हफ्ते उनके घर से बरामद किया गया।
पत्नी पर लोहे की रॉड से किया हमला
पुलिस के मुताबिक, 8 अक्टूबर की रात पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर जोरदार झगड़ा हुआ। झगड़ा इतना बढ़ गया कि गुस्से में आकर शिव शंकर ने लोहे की रॉड से पत्नी के सिर पर वार कर दिया। इस वार से प्रियंका बेहोश होकर गिर पड़ी।
घर में लगा दी आग
इसके बाद आरोपी ने मदद करने के बजाय सबूत मिटाने की साजिश रच डाली। उसने गैस पाइप खोलकर घर में आग लगा दी, ताकि यह लगे कि हादसा गैस सिलेंडर फटने से हुआ है और घर से बाहर कहीं दूर चला गया।
घर से मिला महिला का आधा जला हुआ शव
कुछ देर बाद जब घर से धुआं उठने लगा, तो शिव शंकर वापस आया और पड़ोसियों के साथ मिलकर दिखावा करने लगा कि वह पत्नी को बचाने की कोशिश कर रहा है। मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड टीम ने आग पर काबू पाया और अंदर से प्रियंका का आधा जला हुआ शव बरामद किया।
आरोपी ने हत्या की बात कबूल की
शुरुआती जांच के दौरान पुलिस को शिव शंकर की बातों में कई गड़बड़ियां नजर आईं। जब उससे सख्ती से पूछताछ की गई तो सारा सच सामने आ गया। आरोपी ने आखिरकार कबूल किया कि उसने गुस्से में पत्नी की हत्या की और फिर सबूत छिपाने के लिए आग लगाई। मृतका के पिता की शिकायत पर कोरापुट टाउन पुलिस थाने में केस नंबर 252/25 दर्ज किया गया।
सबूत मिटाने की कोशिश की
पुलिस अधिकारी ने बताया, 'हमें मृतका के पिता से शिकायत मिलने के बाद जांच शुरू की गई। आरोपी आईआरबी कॉन्स्टेबल शिव शंकर पात्रा ने अपना अपराध कबूल कर लिया है। उसने बताया कि पहले उसने पत्नी के सिर पर लोहे की रॉड से वार किया और बाद में किचन सिलेंडर जलाकर आग लगा दी, ताकि सबूत मिट जाएं। यह पूरी घटना पारिवारिक विवाद के कारण हुई।'
आरोपी के खिलाफ हो रही कानूनी कार्रवाई
घटना के बाद इलाके में रोष और सदमा का माहौल है। लोगों का मानना है कि जो व्यक्ति कानून की रक्षा के लिए नियुक्त था, उसी ने इतना बड़ा अपराध कर डाला। पुलिस ने बताया कि फॉरेंसिक टीम और साइंटिफिक जांच दल को भी गहन जांच के लिए नियुक्त किया गया है ताकि हर पहलू से जांच की जा सके। फिलहाल आरोपी पुलिस हिरासत में है और कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
ओडिशा से शुभम कुमार की रिपोर्ट