जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में हुए छात्र संघ (जेएनएसयू) चुनाव को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने रविवार को दावा किया कि उसने विभिन्न स्कूल और विशेष केंद्रों में 44 काउंसलर सीट में से 24 पर जीत हासिल कर ली है। हालांकि चुनाव समिति यानी ईसी ने आधिकारिक तौर पर इस दावे की पुष्टि नहीं की है और आधिकारिक रिजल्ट अब तक घोषित नहीं किए गए हैं। न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा से बात करते हुए एबीवीपी के एक छात्र कार्यकर्ता ने बताया, "यह पहली बार है कि किसी एक छात्र संगठन ने आधे से अधिक काउंसलर पदों पर जीत हासिल की है। एबीवीपी ऐसा करने वाला पहला संगठन बन गया है। अब, केंद्रीय पैनल द्वारा लिए जाने वाले प्रत्येक निर्णय के लिए एबीवीपी की मंजूरी की आवश्यकता होगी, क्योंकि काउंसलर किसी प्रस्ताव पर मतदान करते हैं।’’
वोटों की गिनती जारी
बता दें कि अभी तक केंद्रीय पैनल के लिए मतगणना जारी है। इस चुनाव में आइसा-डीएसएफ के उम्मीदवार नीतीश कुमार अध्यक्ष पद के लिए आगे चल रहे हैं। वहीं एबीवीपी के निटटू गौतम, कुणाम राय और वैभव मीणा क्रमश: उपाध्यक्ष, महासचिव और संयुक्त सचिव पदों पर आगे हैं। एबीवीपी के मुताबिक, संगठन ने पारंपरिक वामपंथी गढ़ों में अहम सफलता हासिल की है, जिसमें 'स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज' और ‘स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज’ भी शामिल हैं। एबीवीपी ने इसे लेकर कहा कि दोनों संकायों में उन्होंने दो-दो सीटें जीती हैं, जो परिसर में हुए एक बड़े राजनीतिक बदलाव को दर्शाता है।
क्या बोले एबीवीपी के अध्यक्ष
एबीवीपी नेताओं ने स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग, स्कूल ऑफ संस्कृत एंड इंडिक स्टडीज और अमलगमेटेड सेंटर सहित कई केंद्रों में ‘क्लीन स्वीप’ का दावा किया। बता दें कि जेएनयूएसयू चुनाव के लिए 2024-25 के लिए शुक्रवार को वोटिंग की गई थी। इस दौरान 70 फीसदी मतदान हुआ था। एबीवीपी के जेएनयू इकाई के अध्यक्ष राजेश्वर कांत दुबे ने कहा, ‘‘ये जीत सकारात्मक बदलाव की शुरुआत है, जिसे जेएनयू के छात्रों ने एबीवीपी के माध्यम से चुना है। यह राष्ट्रवाद, शैक्षणिक उत्कृष्टता और छात्र कल्याण के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का परिणाम है। हम परिसर को राष्ट्र निर्माण और शैक्षणिक जीवंतता का केंद्र बनाने के लिए पूर्ण समर्पण के साथ काम करना जारी रखेंगे।"