दिल्ली पुलिस ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल कर वरिष्ठ पुलिस अधिकारी विवेक भगत का फर्जी और आपत्तिजनक पोस्टर बनाने के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। AI से बनाए गए पोस्टर में विवेक भगत को कथित रूप से महिला पत्रकार के साथ बदसलूकी करते हुए उसे मॉलेस्ट करते हुए दिखाया गया था। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश कर कस्टडी में ले लिया है।
पुलिस के मुताबिक, इस साजिश में कुछ और लोग शामिल हो सकते हैं उनको गिरफ्तार करने की कोशिश की जा रही है। पुलिस के अनुसार, AI पोस्टर साजिश के तहत बना कर सोशल मीडिया पर डाला गया था जिस से माहौल खराब हो। बता दें कि 3 अक्टूबर को जंतर मंतर प्रदर्शन के दौरान विवेक भगत पर तथाकथित महिला पत्रकार से छेड़खानी का आरोप लगा था।
एडिशनल DCP पद पर हुए प्रमोट
एक खबर ये भी है कि विवेक भगत को एसीपी पद से पदोन्नत कर एडिशनल डीसीपी की जिम्मेदारी दी गई है। दिल्ली सरकार के गृह विभाग की ओर से जारी नियमित प्रमोशन सूची के तहत यह आदेश जारी किया गया है। दिल्ली के उपराज्यपाल ने दिल्ली पुलिस में तैनात दानिप्स (DANIPS) कैडर के निम्नलिखित 12 अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से अतिरिक्त एडिशनल डीएसपी पद का कर्तव्य प्रभार सौंपा है।

अधिकारियों की सूची; प्रमुख अधिकारियों को मिली जिम्मेदारी
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विवेक भगत: एसडीपीओ कनॉट प्लेस से एडिशनल डीसीपी का प्रभार
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विदुषी कौशिक: एसडीपीओ सदर बाजार
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गरिमा तिवारी: एसडीपीओ तिलक नगर
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सक्रिया मिहिर प्रवीनभाई: एसडीपीओ लाजपत नगर
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मनीष लाडला: एसीपी क्राइम
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आशिष कुमार: एसीपी स्पेशल सेल
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रोहित गुप्ता: एसीपी सिक्योरिटी
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रेणु लता: एसीपी ACP/SPUWA
जंतर-मंतर पर बवाल के बाद सुप्रीम कोर्ट सख्त
SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर घमसान बढ़ता ही जा रहा है। इस मुद्दे पर पहले ही विपक्षी पार्टियों आंदोलन कर रही हैं, दिल्ली से लेकर मुंबई तक प्रदर्शन हो रहे हैं। रविवार को भी जंतर-मंतर पर जाने को लेकर दिल्ली में काफी बवाल हुआ था। लेफ्ट से जुड़े छात्र संगठनों ने भयंकर बवाल किया था। इस दौरान दिल्ली पुलिस के 15 जवानों के घायल होने की खबर सामने आई थी। इनमें कई महिला कॉन्स्टेबल को भी चोट लगी थी। इसके साथ ही 110 प्रदर्शनकारी हिरासत में लिए गए थे। ज्ञानेश कुमार का मुद्दा सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। इसके साथ ही कोर्ट ने केंद्र सरकार को भी नोटिस भेजा है। इस पूरे मामले की सुनवाई सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाला बागची और जस्टिस वी मोहना की बेंच ने की।
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