भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) दिल्ली ने MSc फिजिक्स के 31 वर्षीय छात्र की मौत के मामले की जांच के लिए एक अंतिम बाहरी जांच समिति का गठन किया है। संस्थान के मुताबिक, समिति की अध्यक्षता दिल्ली हाई कोर्ट की रिटायर्ड जज जस्टिस मुक्ता गुप्ता करेंगी। समिति में AIIMS नई दिल्ली के साइकियाट्री विभाग के प्रमुख प्रोफेसर प्रताप शरण, चार छात्र प्रतिनिधि और संस्थान के रजिस्ट्रार को सचिव एवं संयोजक के तौर पर शामिल किया गया है।
प्रोटोकॉल और प्रक्रियाओं की होगी समीक्षा
IIT दिल्ली के अनुसार, जांच समिति मामले से जुड़े छात्रों, फैकल्टी सदस्यों और संबंधित प्रशासनिक कार्यालयों के अधिकारियों के साथ चर्चा करेगी। इसके अलावा समिति इस मामले में अपनाए गए प्रोटोकॉल और प्रक्रियाओं की समीक्षा करेगी और भविष्य के लिए आवश्यक सुझाव भी देगी।
2 हफ्ते के अंदर जांच पूरी करने की अपील
संस्थान ने समिति से दो सप्ताह के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट पूरी करने का अनुरोध किया है। IIT दिल्ली ने कहा कि समिति की रिपोर्ट के आधार पर मामले से जुड़े सभी पहलुओं की समीक्षा की जाएगी और जरूरत पड़ने पर आगे की कार्रवाई पर फैसला लिया जाएगा।
अज्ञात लोगों के खिलाफ पुलिस ने दर्ज किया केस
दिल्ली पुलिस ने 31 वर्षीय छात्र की मौत के सिलसिले में अज्ञात लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया है। एमएससी भौतिकी के 31 वर्षीय छात्र की परिसर की एक इमारत की छठी मंज़िल से कथित तौर पर कूदने से मौत हो गई थी।
आत्महत्या के लिए उकसाने से संबंधित धाराएं लगाई गईं
पुलिस ने इस मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने से संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। अधिकारियों ने बताया कि छात्र की मौत किन परिस्थितियों में हुई और इसमें किसी अन्य व्यक्ति की कोई भूमिका थी या नहीं, इसकी जांच की जा रही है।
कैंपस में स्टूडेंट कर रहे विरोध प्रदर्शन
छात्र की मौत को लेकर कैंपस के अंदर स्टूडेंट काफी दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं। मामले के जांच की मांग की जा रही थी। पुलिस प्रशासन ने इस मामले में कार्रवाई शुरू कर दी है। बाहरी जांच समिति भी बना दी गई है।
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