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खेलो दिल्ली- दिल्ली खेल महाकुंभ: 'यह सिर्फ प्रतियोगिता नहीं, दिल्ली के सपनों का खेल महापर्व'- सीएम रेखा गुप्ता

 Edited By: Dhyanendra Chauhan
 Published : Feb 14, 2026 12:46 pm IST,  Updated : Feb 14, 2026 12:50 pm IST

एक महीना, 17 स्टेडियम, 30,000 से अधिक खिलाड़ियों के लक्ष्य के साथ, पहली बार दिल्ली का सबसे बड़ा स्पोर्ट्स फेस्टिवल हुआ शुरू किया गया है। सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार के गठन के बाद दिल्ली को विकास की नई दिशा देने के साथ-साथ लाखों युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर प्रदान किए गए हैं।

उद्घाटन में शामिल सीएम रेखा गुप्ता- India TV Hindi
उद्घाटन में शामिल सीएम रेखा गुप्ता Image Source : REPORTER INPUT

दिल्ली सरकार द्वारा राजधानी के खेल इतिहास में एक भव्य और ऐतिहासिक अध्याय जोड़ा गया। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आज छत्रसाल स्टेडियम में ‘खेलो दिल्ली- दिल्ली खेल महाकुंभ’ का भव्य शुभारंभ किया। यह दिल्ली सरकार द्वारा आयोजित पहला राज्य स्तरीय मेगा स्पोर्ट्स फेस्टिवल है, जिसे राजधानी की सबसे बड़ी जमीनी स्तर की खेल पहल के रूप में देखा जा रहा है।  दिल्ली खेल महाकुंभ के आधिकारिक मैस्कॉट का नाम ‘रनवीर’ रखा गया है, का भी अनावरण किया गया। 

युवाओं को खेलों से जोड़ना मुख्य उद्देश्य

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन से प्रेरित यह मेगा स्पोर्ट्स फेस्टिवल ‘खेलो इंडिया मिशन’ और “फिट इंडिया मूवमेंट” की तर्ज पर दिल्ली सरकार की दूरदर्शी पहल है। इसका उद्देश्य युवाओं को खेलों से जोड़ना, स्वस्थ जीवनशैली को प्रोत्साहित करना और दिल्ली को एक सशक्त स्पोर्ट्स हब के रूप में स्थापित करना है। यह आयोजन दिल्ली में खेल संस्कृति के पुनर्जागरण का महापर्व है और जमीनी स्तर की प्रतिभाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुँचाने का मार्ग प्रशस्त करेगा। युवाओं को प्रेरित करने और खेलों के प्रति उत्साह बढ़ाने के लिए ओलंपिक पदक विजेता एवं खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित श्री रवि दहिया, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर श्री शिखर धवन और पैरा ओलंपिक पदक विजेता श्री शरद कुमार को “दिल्ली खेल महाकुंभ” का ब्रांड एंबेसडर बनाया गया है।

1,000 से अधिक खिलाड़ियों ने भव्य मार्च-पास्ट प्रस्तुत किया

रेखा गुप्ता और अन्य गणमान्य अतिथियों ने ओपन जीप में स्टेडियम का दौरा कर खिलाड़ियों और उपस्थित दर्शकों का अभिवादन किया। कार्यक्रम का सबसे आकर्षक क्षण तब आया जब सीडब्ल्यूएसएन खिलाड़ी, स्कूल बैंड, नासिक ढोल और दिल्ली के विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं खेल संघों के 1,000 से अधिक खिलाड़ियों ने भव्य मार्च-पास्ट प्रस्तुत किया। इस अवसर पर खिलाड़ियों को पुरुस्कृत भी किया गया। साथ ही सिंगर परमिश वर्मा की शानदार प्रस्तुति ने भी पूरे वातावरण को ऊर्जा और उत्साह से भर दिया। इस अवसर पर दिल्ली के कैबिनेट मंत्री आशीष सूद, डिप्टी स्पीकर मोहन सिंह बिष्ट , खेल जगत की प्रतिष्ठित हस्तियों सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। 

युवाओं की ऊर्जा, सपनों और संभावनाओं का महोत्सव

इस अवसर पर रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली खेल महाकुंभ केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि राजधानी के युवाओं की ऊर्जा, सपनों और संभावनाओं का महोत्सव है। यह आयोजन दिल्ली के युवाओं के सपनों को नई उड़ान देने का माध्यम बनेगा। उन्होंने कहा कि दिल्ली में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, लेकिन उन्हें सही मंच देने की आवश्यकता थी। दिल्ली खेल महाकुंभ उस दिशा में ऐतिहासिक कदम है, जो आने वाले समय में लाखों खिलाड़ियों के भविष्य को नई दिशा देगा।

लगभग ₹33 करोड़ की राशि खिलाड़ियों को प्रदान की 

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के गठन के बाद दिल्ली को विकास की नई दिशा देने के साथ-साथ लाखों युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर प्रदान किए गए हैं। उन्होंने बताया कि लगभग तीन दशकों से लंबित खिलाड़ियों की पुरस्कार राशि, जिसे पूर्ववर्ती सरकारों द्वारा जारी नहीं किया गया था, वर्तमान सरकार ने वितरित करते हुए अब तक लगभग ₹33 करोड़ की राशि खिलाड़ियों को प्रदान की हैं। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार की नई खेल नीति के अंतर्गत ओलंपिक या पैरालंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाले खिलाड़ी को ₹7 करोड़, रजत पदक पर ₹5 करोड़ तथा कांस्य पदक पर ₹3 करोड़ की पुरस्कार राशि दी जाएगी। इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भाग लेने वाले खिलाड़ियों को प्रति वर्ष ₹20 लाख की सहायता प्रदान की जाएगी। राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर खेल रहे विद्यार्थियों को ₹5 लाख की आर्थिक सहायता तथा ₹10 लाख तक का जीवन बीमा भी उपलब्ध कराया जाएगा।

स्टेडियमों का निर्माण, आधुनिक खेल मैदानों का विकास

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार दिल्ली में विश्वस्तरीय खेल अवसंरचना विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके तहत नए स्टेडियमों का निर्माण, आधुनिक खेल मैदानों का विकास, उन्नत उपकरणों की उपलब्धता, प्रशिक्षित कोचों की नियुक्ति और बेहतर सुविधाएँ सुनिश्चित की जाएँगी। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य यह है कि दिल्ली के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेते समय किसी भी प्रकार की संसाधन संबंधी कमी का सामना न करना पड़े।

स्पोर्ट्स कैपिटल बनाने की दिशा में एक जनआंदोलन

इस अवसर पर दिल्ली के कैबिनेट मंत्री आशीष सूद ने कहा कि दिल्ली खेल महाकुंभ 2025-26 राष्ट्रीय राजधानी को देश की स्पोर्ट्स कैपिटल बनाने की दिशा में एक जनआंदोलन है। उन्होंने इसे दिल्ली के खेल जगत में “नए सवेरा” की शुरुआत बताते हुए कहा कि अब हर स्थानीय अखाड़ा और प्रत्येक मोहल्ला स्टेडियम वैश्विक स्तर के चैंपियनों की तैयारी का केंद्र बनेगा। उन्होंने कहा कि दिल्ली केवल खेलों में वापसी नहीं कर रही है, बल्कि खेलों में नेतृत्व करने की तैयारी कर रही है। सरकार खेल तंत्र, स्टेडियम अवसंरचना और खिलाड़ियों के समर्थन तंत्र को मिलकर सुदृढ़ कर रही है, ताकि दिल्ली फिर से खेले, प्रतिस्पर्धा करे और विजयी बने। उन्होंने आगे कहा कि खेल संस्कृति से एक सशक्त शहर का निर्माण करने के लिए महत्वपूर्ण स्तम्भ होता है। सरकार फिटनेस, अनुशासन और प्रतिस्पर्धात्मक भावना में निवेश कर रही है, और उन्हें विश्वास है कि दिल्ली की वापसी अब हर खेल मैदान पर स्पष्ट रूप से दिखाई देगी।

खेलो दिल्ली: दिल्ली खेल महाकुम्भ- एक झलक

एक माह तक चलने वाला यह भव्य खेल महोत्सव दिल्ली के 17 प्रमुख स्टेडियमों और खेल परिसरों में आयोजित किया जाएगा, जिनमें छत्रसाल स्टेडियम, राजीव गांधी स्टेडियम (बवाना एवं सिंघू), प्रहलादपुर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, त्यागराज स्टेडियम, ईस्ट विनोद नगर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, नजफगढ़, विकासपुरी, द्वारका, पीतमपुरा, कैर, पूठ कलां, मुंडेला, बख्तावरपुर, मित्राऊ तथा नेशनल स्टेडियम सहित अन्य प्रमुख स्थल शामिल हैं। यह आयोजन न केवल प्रतियोगिताओं का मंच बनेगा, बल्कि दिल्ली की खेल अवसंरचना के समग्र आकलन का अवसर भी प्रदान करेगा।

सात प्रमुख खेल, हजारों प्रतिभाएं:

एथलेटिक्स, फुटबॉल, कुश्ती, बास्केटबॉल, वॉलीबॉल, कबड्डी और स्क्वैश—इन सात खेलों में प्रतियोगिताएँ आयोजित की जाएंगी। स्कूलों, कॉलेजों, दिल्ली विश्वविद्यालय, गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय, खेल अकादमियों, पंजीकृत क्लबों और ओपन कैटेगरी के खिलाड़ी इसमें भाग ले रहे हैं। अब तक 16,000 से अधिक खिलाड़ियों ने पंजीकरण कराया है, जिसे बढ़ाकर 30,000 और भविष्य में प्रतिवर्ष एक लाख ग्रासरूट खिलाड़ियों तक ले जाने का लक्ष्य है।

महिला सशक्तिकरण पर विशेष जोर

महिला खिलाड़ियों की भागीदारी को विशेष प्राथमिकता दी गई है। उनकी सुरक्षा और सुविधाओं के व्यापक प्रबंध सुनिश्चित किए गए हैं, ताकि अधिक से अधिक बेटियाँ खेलों में आगे बढ़ें और समाज में सकारात्मक परिवर्तन की नई मिसाल स्थापित करें।

खेल प्रतिभाओं को योग्य सम्मान

इस खेल महोत्सव की एक और विशेषता इसका आकर्षक पुरस्कार ढांचा है, जो देश के सर्वश्रेष्ठ पुरस्कार संरचनाओं में से एक है। टीम स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक विजेता को ₹1,75,000, रजत पदक विजेता को 1,51,000 रूपयं और कांस्य पदक विजेता को ₹1,31,000 की पुरस्कार राशि दी जाएगी, जबकि व्यक्तिगत स्पर्धाओं में स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक विजेताओं को क्रमशः ₹11,000, ₹9,000 और ₹7,000 की राशि प्रदान की जाएगी।

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