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Manish Sisodia Raid: मनीष सिसोदिया के साथी को शराब कारोबारी ने दिए एक करोड़, CBI की FIR में खुलासा

 Published : Aug 19, 2022 07:30 pm IST,  Updated : Aug 19, 2022 07:30 pm IST

Manish Sisodia Raid: दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के एक सहयोगी द्वारा संचालित कंपनी को एक शराब कारोबारी ने कथित तौर पर एक करोड़ रुपये का भुगतान किया।

Delhi's Deputy CM Manish Sisodia- India TV Hindi
Delhi's Deputy CM Manish Sisodia Image Source : FILE PHOTO

Highlights

  • दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के घर छापेमारी
  • आबकारी नीति में कथित भ्रष्टाचार की जांच कर रही CBI
  • CBI ने देशभर में 20 अलग-अलग ठिकानों पर छापे मारे

Manish Sisodia Raid: दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के एक सहयोगी द्वारा संचालित कंपनी को एक शराब कारोबारी ने कथित तौर पर एक करोड़ रुपये का भुगतान किया। दिल्ली आबकारी नीति 2021-22 में कथित भ्रष्टाचार की जांच कर रही सीबीआई ने अपनी एफआईआर में यह दावा किया है। सीबीआई ने शुक्रवार को मध्य दिल्ली में सिसोदिया के आधिकारिक आवास और सात राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 20 अलग-अलग ठिकानों पर छापे मारे। केंद्रीय एजेंसी ने आपराधिक साजिश और भ्रष्टाचार रोकथाम कानून के प्रावधानों से संबंधित भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धाराओं के तहत 17 अगस्त को दर्ज अपनी प्राथमिकी में 15 लोगों का नाम लिया है। 

FIR में सिसोदिया समेत कई अधिकारियों के नाम

मनीष सिसोदिया के अलावा सीबीआई ने आरोपियों के रूप में तत्कालीन आबकारी आयुक्त आरव गोपी कृष्ण, तत्कालीन उप आबकारी आयुक्त आनंद कुमार तिवारी, सहायक आबकारी आयुक्त पंकज भटनागर, नौ व्यवसायी और दो कंपनियों को नामजद किया है। सिसोदिया के पास आबकारी विभाग की भी जिम्मेदारी है। केंद्रीय गृह मंत्रालय के माध्यम से उपराज्यपाल वी के सक्सेना के कार्यालय को भेजे गए एक संदर्भ पर प्राथमिकी दर्ज की गई। सीबीआई ने आरोप लगाया है कि सिसोदिया और अन्य आरोपी लोक सेवकों ने "निविदा के बाद लाइसेंसधारियों को अनुचित लाभ देने के इरादे से" सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी के बिना उत्पाद नीति 2021-22 से संबंधित सिफारिश की और निर्णय लिया। 

सिसोदिया के करीबी कर रहे थे अवैध कमाई का मैनेजमेंट
CBI की ओर से दर्ज एफआईआर में कहा गया है कि मनोरंजन और इवेंट मैनेजमेंट कंपनी 'ओनली मच लाउडर' के पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) विजय नायर, पर्नोड रिकार्ड के पूर्व कर्मचारी मनोज राय, ब्रिंडको स्पिरिट्स के मालिक अमनदीप ढल और इंडोस्पिरिट्स के मालिक समीर महेंद्रू सक्रिय रूप से पिछले साल नवंबर में लाई गई आबकारी नीति का निर्धारण और क्रियान्वयन में अनियमितताओं में शामिल थे। एजेंसी ने आरोप लगाया कि गुड़गांव में बड़ी रिटेल प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक अमित अरोड़ा, दिनेश अरोड़ा और अर्जुन पांडे, सिसोदिया के "करीबी सहयोगी" हैं और आरोपी लोक सेवकों के लिए "शराब लाइसेंसधारियों से इकट्ठा किए गए पैसों को मैनेज और ट्रांसफर करने में सक्रिय रूप से शामिल थे।" 

सीबीआई ने FIR में किया बड़ा खुलासा
सीबीआई ने आरोप लगाया है कि दिनेश अरोड़ा द्वारा प्रबंधित राधा इंडस्ट्रीज को इंडोस्पिरिट्स के समीर महेंद्रू से एक करोड़ रुपये मिले। प्राथमिकी में कहा गया है, "सूत्र ने आगे खुलासा किया कि अरुण रामचंद्र पिल्लई, विजय नायर के माध्यम से समीर महेंद्रू से आरोपी लोक सेवकों को आगे ट्रांसफर करने के लिए अनुचित धन एकत्र करता था। अर्जुन पांडे नाम के एक व्यक्ति ने विजय नायर की ओर से समीर महेंद्रू से लगभग 2-4 करोड़ रुपये की बड़ी नकद राशि एकत्र की।" एजेंसी का आरोप है कि सनी मारवाह की महादेव लिकर को प्लान के तहत एल-1 लाइसेंस दिया गया था। यह भी आरोप लगाया कि दिवंगत शराब कारोबारी पोंटी चड्ढा की कंपनियों के बोर्ड में शामिल मारवाह आरोपी लोक सेवकों के निकट संपर्क में था और उन्हें नियमित रूप से रिश्वत देता था। 

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