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Delhi Liquor Policy Case: दिल्ली शराब नीति केस में CBI के बाद ED की होगी एंट्री, मनी लॉन्ड्रिंग की कर सकती है जांच

Delhi Liquor Policy Case: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) दिल्ली की आम आदमी पार्टी (आप) नीत सरकार की आबकारी नीति को तैयार करने और उसे लागू किए जाने के संबंध में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू कर सकता है।

Edited By: Swayam Prakash @@SwayamNiranjan
Published : Aug 19, 2022 06:44 pm IST, Updated : Aug 19, 2022 06:44 pm IST
Deputy CM of Delhi, Manish Sisodia- India TV Hindi
Image Source : INDIA TV Deputy CM of Delhi, Manish Sisodia

Highlights

  • दिल्ली आबकारी नीति पर बुरे फंसे मनीष सिसोदिया
  • CBI ने मारे सिसोदिया और IAS अधिकारी के घर छापे
  • मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू कर सकता है प्रवर्तन निदेशालय

Delhi Liquor Policy Case: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) दिल्ली की आम आदमी पार्टी (आप) नीत सरकार की आबकारी नीति को तैयार करने और उसे लागू किए जाने के संबंध में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू कर सकता है। इस मामले में दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और अन्य लोगों के खिलाफ सीबीआई छापे के बाद आधिकारिक सूत्रों ने शुक्रवार को यह टिप्पणी की। दिल्ली शराब नीति के संबंध में मनीष सिसोदिया और उनके अधिकारियों के ठिकानों पर CBI रेड को लेकर बीजेपी और आम आदमी पार्टी में आर-पार की जंग चल रही है।  AAP नेता सौरभ भारद्वाज ने कहा कि जांच में सीबीआई को कुछ नहीं मिलेगा तो बीजेपी सांसद प्रवेश वर्मा ने कहा कि केजरीवाल जिसे कट्टर ईमानदार बोल दें, वही कट्टर भ्रष्ट निकलता है। 

CBI की सिसोदिया और IAS अधिकारी के घर छापेमारी

माना जा रहा है कि ईडी धन शोधन निवारण कानून की आपराधिक धाराओं के तहत औपचारिक मामला दर्ज करने से पहले केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) मामले का ब्यौरा, विभिन्न सरकारी अधिकारियों और अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता की जांच करेगी। सीबीआई ने दिल्ली आबकारी नीति मामले में एक एफआईआर दर्ज करने के बाद उपमुख्यमंत्री सिसोदिया और आईएएस अधिकारी आरव गोपी कृष्ण के परिसरों के अलावा 19 स्थानों पर शुक्रवार को छापे मारे। 

अधिकारियों ने बताया कि सीबीआई ने पिछले साल नवंबर में लाई गई दिल्ली आबकारी नीति बनाने और उसके क्रियान्वयन में कथित अनियमितताओं के संबंध में एक प्राथमिकी दर्ज की है। दिल्ली सरकार ने जुलाई में इस नीति को खत्म कर दिया था। सिसोदिया के पास उत्पाद और शिक्षा सहित कई विभाग हैं। दिल्ली के उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना ने पिछले महीने आबकारी नीति 2021-22 के क्रियान्वयन में कथित अनियमितताओं की सीबीआई से जांच कराने की सिफारिश की थी। 

दिल्ली मुख्य सचिव की सिफारिश पर जांच
अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली के मुख्य सचिव की जुलाई में दी गई रिपोर्ट के आधार पर सीबीआई जांच की सिफारिश की गई थी, जिसमें जीएनसीटीडी अधिनियम 1991, कार्यकरण नियम (टीओबीआर)-1993, दिल्ली उत्पाद शुल्क अधिनियम-2009 और दिल्ली उत्पाद शुल्क नियम-2010 का प्रथम दृष्टया उल्लंघन पाए जाने की बात कही गई थी। 

सूत्रों ने कहा कि अपनी जांच के दौरान ईडी इस बात का विश्लेषण करेगा कि क्या कोई व्यक्ति और कंपनियां जो नीति निर्माण में शामिल थीं, उन्हें धनशोधन निवारण कानून की परिभाषा के तहत अपराध से हुई आय प्राप्त हुई और कोई अवैध या बेनामी संपत्ति अर्जित की गई। एजेंसी के पास ऐसी संपत्तियों को कुर्क करने और धनशोधन संबंधी अपराध में लिप्त लोगों से पूछताछ करने, गिरफ्तार करने और मुकदमा चलाने का अधिकार है। 

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