नयी दिल्ली। दिल्ली सरकार ने राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) को बताया है कि नगर निगमों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये हैं कि दिल्ली के आवासीय और नॉन-कन्फॉर्मिंग क्षेत्र में ऐसे उद्योगों के संचालन की अनुमति नहीं दी जाये जिन्हें मंजूरी प्राप्त नहीं है और इन्हें स्थायी रूप से सील किये जाने की आवश्यकता है। 'नॉन-कन्फॉर्मिंग एरिया' ऐसे क्षेत्र होते हैं, जिन्हें अभी तक सरकार ने औद्योगिक क्षेत्र घोषित नहीं किया है।
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दिल्ली सरकार ने कहा कि संबंधित एजेंसियों के साथ एक समीक्षा बैठक की गई और आवासीय क्षेत्रों में लाइसेंस के बिना काम करने वाले उद्योगों के व्यापक सर्वेक्षण के संबंध में विस्तृत चर्चा की गई। सरकार ने दिल्ली के आवासीय और नॉन-कन्फॉर्मिंग क्षेत्रों में घरेलू श्रेणी के तहत औद्योगिक इकाइयों को लाइसेंस या एनओसी प्रदान करते समय एमपीडी 2021 के प्रावधानों का अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश के साथ तीन नगर निगमों को 18 मई को एक पत्र भी जारी किया गया है।
दिल्ली सरकार ने अधिकरण को यह जानकारी उस याचिका के जवाब में दी जिसमें कहा गया था कि दिल्ली मास्टर प्लान, 2021 का उल्लंघन करते हुए आवासीय क्षेत्रों में अवैध रूप से संचालित उद्योगों को बंद किया जाये। अधिकरण ने इस मुद्दे पर दिल्ली सरकार और अन्य अधिकारियों के रुख पर कड़ी आपत्ति जताई थी और कहा था कि उच्चतम न्यायालय और एनजीटी के आदेशों का अनुपालन नहीं किया जा रहा है। एनजीटी ने इससे पूर्व दिल्ली सरकार को निर्देश दिये थे कि आवासीय क्षेत्रों में चल रही 4,774 औद्योगिक इकाइयों को तुरन्त बंद किया जाये।