पुरानी दिल्ली के चावड़ी बाजार मेट्रो स्टेशन के पास तीन मंजिला इमारत गिरने की घटना में मरने वालों की संख्या बढ़कर 6 हो गई है। हादसे के बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए इमारत के मालिक समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में मकान मालिक साइमुल्लाह उर्फ अयूब और तीन ठेकेदार सिराज, ताजुद्दीन और फरकान शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, ठेकेदारों को फरीदाबाद के सिरोही से पकड़ा गया, जबकि मकान मालिक को भी हिरासत में लिया गया है।
एक भाई का मकान तैयार, दूसरे का ढह गया
अयूब और उनके भाई बरकतुल्ला ने यह ख्याब में भी नहीं सोचा होगा कि जिस घर में उनका परिवार 100 साल से रहता आया था, वह रिकंस्ट्रक्शन कराए जाने के दौरान ढह जाएगा। पुरानी दिल्ली के अजमेरी गेट इलाके की गली शाहतारा के अंदर संकरी गली शीशमहल में मस्जिद के सामने स्थित उनके पुश्तैनी घर का कुछ महीने पहले बंटवारा हुआ था। इसके बाद दोनों भाई अपने-अपने हिस्से पर मकान बना रहे थे। अयूब का मकान तैयार हो गया था लेकिन बरकतुल्ला का मकान रिकंस्ट्रक्शन के दौरान गुरुवार सुबह ढह गया जिसमें 6 मजदूरों की मौत हो गई।
अचानक भरभराकर गिर गई 3 मंजिला इमारत
यह हादसा गुरुवार सुबह करीब 9:45 बजे हुआ था। 3 मंजिला निर्माणाधीन इमारत अचानक भरभराकर गिर गई थी। घटना के समय निर्माण स्थल पर करीब 10 से 15 मजदूर मौजूद थे। इमारत के मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका के चलते राहत और बचाव अभियान चलाया गया। शनिवार को भी मलबा हटाने और संभावित रूप से फंसे लोगों की तलाश का काम जारी रहा।
मृतकों की हुई पहचान
पुलिस के अनुसार, हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान संजीत कुमार, किशोरी साह, पंकज शर्मा, विपिन राम, शंटू और दिनेश साह के रूप में हुई है। इनमें से 4 मृतक बिहार के रहने वाले थे, जबकि विपिन राम दिल्ली के मंडावली इलाके में रहते थे।
हादसे के पहले दिन ही किशोरी (40) और संजीत (45) को मृत घोषित कर दिया गया था। वहीं, साहदेव चौधरी (25) और फिरोज (37) को घायल अवस्था में मलबे से बाहर निकाला गया था। दोनों घायलों की हालत स्थिर बताई गई थी।
बिना मंजूरी के हो रहा था इमारत का निर्माण
जांच में सामने आया है कि करीब 50 वर्ग मीटर के प्लॉट पर कथित तौर पर जरूरी मंजूरी के बिना इमारत का निर्माण कराया जा रहा था। दिल्ली नगर निगम (MCD) के एक अधिकारी के मुताबिक, इस इमारत का कोई बिल्डिंग प्लान स्वीकृत नहीं था। नगर निगम के अनुसार, निर्माण कार्य तीसरी मंजिल तक पहुंच चुका था और छत का स्लैब डाला जा रहा था, तभी इमारत ढह गई। शुरुआती जानकारी में निर्माण सामग्री के गैर-इंजीनियरिंग तरीके से इस्तेमाल और उसके ठीक से सेट नहीं होने की बात भी सामने आई है।
जून में ही पुलिस ने दी थी अवैध निर्माण की जानकारी
इस मामले में एक और अहम जानकारी सामने आई है। दिल्ली पुलिस ने जून में ही इस संपत्ति पर हो रहे कथित अनधिकृत निर्माण को लेकर नगर निगम को सूचित किया था। 15 जून को हौज काजी थाने के एसएचओ ने MCD के सिटी सदर पहाड़गंज जोन को पत्र लिखकर निर्माण कार्य की जानकारी दी थी। इस पत्र में जमीन के मालिक और ठेकेदार के रूप में फरकान का नाम भी बताया गया था।
इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला
पुलिस ने 5 नवंबर को हौज काजी थाने में FIR दर्ज की थी। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105, 290, 125(a) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है। ये धाराएं गैर-इरादतन हत्या, इमारत गिराने या उसकी मरम्मत के दौरान लापरवाही, दूसरों के जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालने और साझा मंशा से जुड़े अपराधों से संबंधित हैं।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। हादसे में 6 लोगों की मौत के बाद अवैध निर्माण और निर्माण कार्य में बरती गई कथित लापरवाही को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
(रिपोर्ट- PTI)
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